रायपुर के लोक भवन में आयोजित विशेष कार्यक्रम में Ramen Deka ने ‘माय भारत युवा कार्यक्रम’ के तहत गुजरात से छत्तीसगढ़ भ्रमण पर आए युवाओं से संवाद कर उन्हें राष्ट्रनिर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। यह पहल Ministry of Youth Affairs and Sports के अंतर्गत संचालित की जा रही है, जिसका उद्देश्य राज्यों के बीच सांस्कृतिक और सामाजिक समन्वय को सुदृढ़ करना है।
छोटी पहल, बड़ा परिवर्तन
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि समाज के प्रति योगदान की भावना हर युवा के भीतर होना आवश्यक है। स्वच्छता, बुजुर्गों की सहायता, और आसपास के लोगों के जीवन को बेहतर बनाने जैसे छोटे प्रयास भी बड़े सामाजिक बदलाव की नींव बन सकते हैं। उन्होंने युवाओं से समय प्रबंधन, सोशल मीडिया के संतुलित उपयोग और तकनीक के जिम्मेदार प्रयोग पर विशेष ध्यान देने की अपील की।
छत्तीसगढ़ की विरासत और विकास
श्री डेका ने छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह प्रदेश माता कौशल्या का मायका और भगवान राम का ननिहाल माना जाता है। बस्तर स्थित प्रसिद्ध Chitrakote Falls को उन्होंने एशिया का नियाग्रा बताते हुए राज्य की प्राकृतिक सुंदरता का उदाहरण दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की राह पर अग्रसर है और आने वाले समय में शिक्षा के क्षेत्र में देश का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है।
राष्ट्रीय एकता को मिला नया आयाम
कार्यक्रम में “जय जोहार, जय छत्तीसगढ़” के नारों से वातावरण उत्साहपूर्ण हो गया। युवाओं ने Shaheed Veer Narayan Singh Tribal Museum का भ्रमण कर राज्य के आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को जाना।
विधायक श्री पुरंदर मिश्रा ने छत्तीसगढ़ को “मिनी इंडिया” बताते हुए इसकी सांस्कृतिक विविधता और सौहार्द की सराहना की। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi की ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ पहल की प्रशंसा की, जो राष्ट्रीय एकता को मजबूती देती है।
युवाओं ने साझा किए अनुभव
गुजरात से आए युवाओं ने छत्तीसगढ़ के सेवा-सत्कार, कला और संस्कृति की सराहना की। उन्होंने कहा कि यहां का अपनापन और विकास देखकर उनकी सोच बदली है।
यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं रहा, बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणा, नेतृत्व विकास और राष्ट्रीय एकता के मूल्यों को आत्मसात करने का सशक्त मंच साबित हुआ।

