पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच संघर्ष ने अब खुली जंग का रूप ले लिया है। तालिबान से जुड़े हमलों के बाद पाकिस्तान ने ‘गजब-लिल-हक’ नामक सैन्य अभियान चलाते हुए काबुल और कंधार में हवाई हमले किए। पाकिस्तान की ओर से बड़ी संख्या में उग्रवादियों के मारे जाने का दावा किया गया है, जबकि अफगानिस्तान ने भी सीमा पर जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है।
कूटनीति के मैदान में उतरा ईरान
तनावपूर्ण माहौल के बीच Iran ने दोनों देशों के बीच संवाद की पहल की है। ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी कर कहा कि रमजान का महीना संयम और एकजुटता का प्रतीक है, ऐसे में मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाया जाना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान, इस्लामाबाद और काबुल के बीच समझ और सहयोग बढ़ाने के लिए हर संभव सहयोग देने को तैयार है। उल्लेखनीय है कि पहले Qatar भी दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम कराने में मध्यस्थ की भूमिका निभा चुका है।
लक्षित ठिकानों की सूची जारी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान के सरकारी प्रसारक Pakistan Television ने दावा किया है कि हालिया हमलों में कई चौकियों और ठिकानों को निशाना बनाया गया।
बताए गए प्रभावित क्षेत्रों में वली खान सेक्टर, शावल सेक्टर (पक्तिका), बाजौर और अंगूर अड्डा शामिल हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
कंधार के ऊपर हवाई निगरानी
हमलों के बाद कंधार के आसमान में पाकिस्तानी वायु सेना के जेट विमानों की गश्त की खबरें सामने आई हैं। Dawn ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया कि हवाई कार्रवाई के बाद क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। इससे सीमा पार हालात और अधिक संवेदनशील हो गए हैं।
मानवीय संकट की आशंका
काबुल में हुए हमलों के बाद घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है। सोशल मीडिया पर साझा वीडियो में चिकित्सा सेवाओं पर बढ़ते दबाव की झलक मिलती है। यदि संघर्ष लंबा खिंचता है तो नागरिकों के लिए हालात और गंभीर हो सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ कूटनीतिक प्रयास ही इस संकट का स्थायी समाधान निकाल सकते हैं।

