Iran का बड़ा बयान: ‘अतिरिक्त तेल नहीं’, United States की छूट के बाद भी Strait of Hormuz संकट गहराया

CG DARSHAN
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पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच Strait of Hormuz एक बार फिर वैश्विक ऊर्जा संकट का केंद्र बन गया है। United States द्वारा Iran पर लगे तेल प्रतिबंधों में अस्थायी राहत दिए जाने के बावजूद बाजार में स्थिरता नहीं आ पाई है।

ईरान ने साफ शब्दों में कहा है कि उसके पास निर्यात के लिए कोई अतिरिक्त कच्चा तेल उपलब्ध नहीं है। इस बयान ने उन उम्मीदों पर पानी फेर दिया है, जिनमें माना जा रहा था कि अमेरिकी छूट के बाद बाजार में बड़ी मात्रा में तेल आएगा।

अमेरिका की रणनीति क्या है?

United States ने 20 मार्च 2026 तक लोड किए गए तेल के जहाजों को अस्थायी छूट दी है, जो 19 अप्रैल 2026 तक प्रभावी रहेगी। इस फैसले का उद्देश्य वैश्विक बाजार में आपूर्ति बढ़ाकर कीमतों को नियंत्रित करना था।

अमेरिकी अनुमान के मुताबिक, इससे करीब 14 करोड़ बैरल कच्चा तेल बाजार में आ सकता था। साथ ही, ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर करने के लिए अतिरिक्त भंडार जुटाने की कोशिश भी जारी है।

ईरान का कड़ा जवाब

Iran के तेल मंत्रालय ने अमेरिकी दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि अतिरिक्त तेल का कोई स्टॉक मौजूद नहीं है। ईरान ने इसे बाजार को प्रभावित करने की रणनीति बताया, जिससे यह संकेत मिलता है कि सप्लाई में तत्काल सुधार की संभावना कम है।

क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?

Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। मौजूदा तनाव और व्यवधान ने इस मार्ग की रणनीतिक अहमियत को और बढ़ा दिया है।

बाजार पर पड़ रहा असर
कच्चे तेल की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव
वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव
ऊर्जा आयातक देशों की बढ़ती चिंता
आर्थिक अस्थिरता के संकेत

ईरान के इनकार और क्षेत्रीय तनाव के चलते बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है, जो आने वाले समय में और गहरा सकता है।

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