भारत सरकार द्वारा जनगणना 2027 के प्रथम चरण का औपचारिक रूप से शुभारंभ किया गया है। यह देश की 16वीं तथा स्वतंत्रता उपरांत आठवीं जनगणना है, जिसे इस बार पूर्णतः डिजिटल माध्यमों के द्वारा संचालित किया जा रहा है।
प्रथम चरण के अंतर्गत भवन सूचीकरण एवं आवास संबंधी जानकारी का संकलन किया जाएगा, जिसमें आवासीय संरचना, उपलब्ध सुविधाओं तथा घरेलू परिसंपत्तियों का विवरण सम्मिलित होगा।
द्वितीय चरण, जो फरवरी 2027 में प्रस्तावित है, में जनसंख्या संबंधी विस्तृत आंकड़े एकत्र किए जाएंगे। इसमें सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक, प्रवासन एवं प्रजनन संबंधी सूचनाएं सम्मिलित होंगी।
डिजिटल प्रणाली के अंतर्गत गणनाकर्ताओं द्वारा मोबाइल एप के माध्यम से डेटा संकलन किया जाएगा। साथ ही नागरिकों को स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं दर्ज करने की सुविधा प्रदान की गई है। यह पोर्टल बहुभाषीय स्वरूप में उपलब्ध रहेगा।
जनगणना के लिए 11,718.24 करोड़ रुपये का प्रावधान स्वीकृत किया गया है। संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 निर्धारित है, जबकि विशेष भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्रों के लिए पृथक तिथि निर्धारित की गई है।
यह पहल डेटा संग्रह प्रक्रिया को अधिक दक्ष, पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से की गई है, जिससे नीति निर्माण एवं प्रशासनिक योजना निर्माण को सुदृढ़ आधार प्राप्त होगा।

