उत्तर प्रदेश के आगरा में आयोजित आम आदमी पार्टी की जनसभा के दौरान पार्टी के भीतर चल रहे विवाद पर बड़ा खुलासा हुआ। राज्यसभा सांसद Sanjay Singh ने स्पष्ट किया कि Raghav Chadha को उपनेता पद से हटाने का निर्णय क्यों लिया गया।
संजय सिंह के अनुसार, पार्टी नेतृत्व इस बात से नाराज था कि राघव चड्ढा संसद में आम जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को मजबूती से नहीं उठा पा रहे थे। उन्होंने कहा कि गैस संकट, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं जैसे गंभीर मुद्दों पर अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखी।
जनसभा में भाजपा पर तीखा प्रहार
आगरा में “रोजगार दो, सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा के दौरान संजय सिंह ने भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे बुनियादी क्षेत्रों की अनदेखी हो रही है, जबकि सरकार समाज को धर्म और जाति के आधार पर बांटने की राजनीति कर रही है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर वे बेहतर सुविधाएं और शांतिपूर्ण माहौल चाहते हैं, तो आम आदमी पार्टी को समर्थन दें।
ऊर्जा संकट और बेरोजगारी पर चिंता
संजय सिंह ने देश में बढ़ती गैस किल्लत और ऊर्जा संकट को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि आम लोग गैस सिलेंडर के लिए लंबी कतारों में खड़े हैं, जो सरकार की नीतियों की विफलता को दर्शाता है। साथ ही उन्होंने युवाओं के लिए रोजगार या मासिक भत्ता देने की मांग भी रखी।
पार्टी की अपेक्षाएं और अनुशासन
संजय सिंह ने कहा कि पार्टी के सभी सांसदों से उम्मीद की जाती है कि वे हर अहम मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखें और पार्टी लाइन का समर्थन करें। उन्होंने यह भी कहा कि कई मौकों पर राघव चड्ढा ने पार्टी के पक्ष में सक्रिय भूमिका नहीं निभाई।
AAP का स्पष्ट संदेश
संजय सिंह ने दोहराया कि पार्टी Arvind Kejriwal के नेतृत्व में जनता के मुद्दों को प्राथमिकता देती है। उन्होंने कहा कि पद से ज्यादा जरूरी है जनता की आवाज बनना।
इस पूरे घटनाक्रम ने आम आदमी पार्टी के अंदर चल रही सियासी हलचल को उजागर कर दिया है, जिससे आने वाले समय में पार्टी की रणनीति में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।

