आम आदमी पार्टी में जारी सियासी घमासान के बीच राज्यसभा सांसद Raghav Chadha ने अपने खिलाफ लगे आरोपों पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है। पार्टी से उपनेता पद हटाए जाने के बाद उन्होंने फेसबुक लाइव के जरिए अपनी बात रखते हुए कहा कि उनके खिलाफ एक सोची-समझी साजिश के तहत अभियान चलाया जा रहा है।
चड्ढा ने कहा कि शुरुआत में उन्होंने आरोपों का जवाब देने से बचने की कोशिश की, लेकिन जब बार-बार एक ही तरह के आरोप दोहराए जाने लगे, तो उन्हें लगा कि सच्चाई सामने लाना जरूरी है।
तीन बड़े आरोपों पर विस्तार से जवाब
1. वॉकआउट में शामिल न होने का आरोप
राघव चड्ढा ने इसे पूरी तरह झूठ करार दिया। उन्होंने कहा कि अगर कोई एक भी ऐसा उदाहरण सामने आ जाए जब विपक्ष ने वॉकआउट किया हो और वे शामिल न हुए हों, तो उसे सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने संसद की सीसीटीवी फुटेज जांचने की भी चुनौती दी।
2. CEC याचिका पर साइन न करने का मुद्दा
उन्होंने कहा कि इस मामले में उन्हें कभी साइन करने के लिए कहा ही नहीं गया। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी के अन्य कई सांसदों ने भी इस याचिका पर हस्ताक्षर नहीं किए थे, ऐसे में सिर्फ उन्हें निशाना बनाना गलत है।
3. मुद्दों से दूरी बनाने का आरोप
चड्ढा ने कहा कि वे संसद में हंगामा करने नहीं बल्कि जनता की आवाज उठाने जाते हैं। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी, जीएसटी, पानी और प्रदूषण जैसे मुद्दों पर अपने काम का जिक्र करते हुए कहा कि उनका रिकॉर्ड खुद उनकी गवाही देता है।
तेज तेवर और सियासी संदेश
अपने बयान में चड्ढा ने कहा, “मैं घायल हूं इसलिए घातक हूं,” और साफ किया कि वे हर आरोप का जवाब देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनके खिलाफ फैलाए जा रहे हर झूठ को बेनकाब किया जाएगा।
राजनीतिक असर क्या होगा?
इस बयान के बाद आम आदमी पार्टी के अंदर चल रही खींचतान और भी खुलकर सामने आ गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आने वाले समय में पार्टी की आंतरिक एकजुटता और रणनीति को प्रभावित कर सकता है।

