भारत में जनगणना 2026 के अंतर्गत डेटा संग्रहण प्रक्रिया को डिजिटल स्वरूप में संचालित करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत 16 अप्रैल 2026 से ऑनलाइन स्व-गणना सुविधा प्रारंभ की जाएगी।
निर्धारित अवधि 16 से 30 अप्रैल के बीच नागरिक अधिकृत पोर्टल के माध्यम से मोबाइल आधारित प्रमाणीकरण के जरिए लॉगिन कर आवश्यक जानकारी दर्ज कर सकेंगे। प्रक्रिया पूर्ण होने पर एक विशिष्ट पहचान संख्या जारी की जाएगी।
उक्त पहचान संख्या का उपयोग 1 मई से प्रारंभ होने वाले फील्ड सत्यापन चरण में किया जाएगा, जिसमें नियुक्त प्रगणक घर-घर जाकर दर्ज आंकड़ों का सत्यापन करेंगे। यह चरण 30 मई तक संचालित रहेगा।
डेटा संग्रहण के लिए कुल 33 प्रश्न निर्धारित किए गए हैं, जिनमें आवासीय संरचना, पारिवारिक विवरण तथा आधारभूत सुविधाओं से संबंधित जानकारी सम्मिलित है।
आवासीय श्रेणी में भवन संख्या, निर्माण सामग्री तथा उपयोग की स्थिति जैसे बिंदु शामिल हैं। पारिवारिक विवरण में सदस्यों की संख्या, सामाजिक वर्ग, शिक्षा एवं व्यवसाय संबंधी जानकारी ली जाएगी।
सुविधाओं के अंतर्गत पेयजल, ऊर्जा स्रोत, स्वच्छता, रसोई गैस तथा अपशिष्ट निकासी से संबंधित विवरण एकत्रित किए जाएंगे।
इस प्रक्रिया के लिए लगभग 62,500 अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तैनाती की गई है। स्व-गणना सुविधा वैकल्पिक है, जबकि फील्ड सत्यापन अनिवार्य रहेगा।
डिजिटल प्रणाली के माध्यम से डेटा संग्रहण से पारदर्शिता, सटीकता तथा प्रशासनिक दक्षता में वृद्धि होने की अपेक्षा है।

