प्रदेश में निजी विद्यालयों द्वारा शुल्क निर्धारण प्रक्रिया के संबंध में उत्पन्न स्थितियों के मद्देनजर लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा त्वरित प्रशासनिक हस्तक्षेप किया गया है। सभी संभागीय संयुक्त संचालकों को निर्देशित किया गया है कि वे संबंधित जिलों से 48 घंटे के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन प्राप्त करें।
निर्देशों में उल्लेख किया गया है कि अनेक मामलों में शुल्क विनियमन अधिनियम के प्रावधानों के अनुपालन में कमी पाई गई है। इस संदर्भ में तीन प्रमुख बिंदुओं पर जानकारी अनिवार्य की गई है।
प्रथम, प्रत्येक निजी विद्यालय में फीस विनियमन समिति के गठन की स्थिति। द्वितीय, शुल्क निर्धारण हेतु आयोजित बैठकों की नियमितता एवं पारदर्शिता। तृतीय, जिला स्तरीय शुल्क समितियों की गत तीन वर्षों की बैठकों का अभिलेख।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य शुल्क निर्धारण प्रणाली में पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व सुनिश्चित करना है।
प्राप्त प्रतिवेदनों के आधार पर विभाग द्वारा आवश्यक प्रशासनिक एवं विधिक कार्रवाई की जाएगी, जिससे शुल्क विनियमन अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया जा सके।

