छत्तीसगढ़ में बिजली मांग तेज, उत्पादन सीमित—केंद्र पर निर्भरता बढ़ी

CG DARSHAN
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छत्तीसगढ़ राज्य में वर्तमान समय में विद्युत मांग में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है, जिसके परिप्रेक्ष्य में आपूर्ति व्यवस्था को संतुलित बनाए रखने हेतु विभिन्न स्रोतों से विद्युत प्राप्त की जा रही है। बढ़ते तापमान के प्रभाव के कारण ऊर्जा खपत में वृद्धि देखी जा रही है, जिससे विद्युत प्रणाली पर अतिरिक्त दबाव उत्पन्न हुआ है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, राज्य में कुल विद्युत मांग 6700 मेगावाट के स्तर को पार कर चुकी है। इसके विपरीत, राज्य के स्वामित्व वाले उत्पादन संयंत्रों से लगभग 2300 मेगावाट विद्युत का उत्पादन हो रहा है। मांग की पूर्ति के लिए केंद्रीय क्षेत्र से लगभग 4300 मेगावाट विद्युत प्राप्त की जा रही है, जबकि निजी स्रोतों से भी अतिरिक्त आपूर्ति ली जा रही है।

उत्पादन क्षमता की तुलना में वास्तविक उत्पादन कम रहने के कारण आपूर्ति संतुलन बनाए रखने हेतु बाह्य स्रोतों पर निर्भरता बढ़ी है। कुछ उत्पादन इकाइयों के अस्थायी रूप से बंद रहने के कारण स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकती है।

विद्युत विभाग द्वारा वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। तथापि, यदि उत्पादन इकाइयों में अतिरिक्त बाधाएं उत्पन्न होती हैं, तो विद्युत आपूर्ति में व्यवधान की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

उक्त स्थिति के मद्देनजर ऊर्जा प्रबंधन, आपूर्ति समन्वय एवं संसाधन उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को निरंतर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

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