जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले की पहली बरसी पर पूरे देश में शोक, स्मरण और संकल्प का माहौल देखने को मिला। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने इस मौके पर हमले में जान गंवाने वाले निर्दोष नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि भारत आतंकवाद के सामने कभी नहीं झुकेगा। उन्होंने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि इस अमानवीय घटना को देश कभी नहीं भूलेगा और पीड़ित परिवारों के साथ हर परिस्थिति में खड़ा रहेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की एकता और अखंडता पर हमला करने वाली ताकतों को करारा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि आतंकियों की हर साजिश को विफल किया जाएगा और भारत का संकल्प पहले से अधिक मजबूत है। पहलगाम में इस अवसर पर एक स्मारक स्थल का निर्माण भी किया गया है, जो हमले में मारे गए 26 लोगों की स्मृति को सहेजता है और लोगों को श्रद्धांजलि देने का अवसर प्रदान करता है।
रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने इस हमले को देश के लिए गहरा घाव बताते हुए कहा कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ और अधिक सख्त तथा निर्णायक कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने भी इस घटना को याद करते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अडिग है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल भारत की नहीं, बल्कि पूरी मानवता की सुरक्षा से जुड़ी है।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल Manoj Sinha ने सख्त शब्दों में कहा कि “हम न भूलेंगे, न माफ करेंगे” और आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक इसे पूरी तरह समाप्त नहीं कर दिया जाता।
इस बीच भारतीय सेना ने भी कड़ा जवाब देते हुए “ऑपरेशन महादेव” के तहत तीन आतंकियों को मार गिराने की जानकारी दी है। करीब 93 दिनों तक चले इस ऑपरेशन में दुर्गम क्षेत्रों में व्यापक सर्च अभियान चलाया गया, जिसके बाद यह सफलता हासिल हुई। सेना ने साफ किया कि “ऑपरेशन सिंदूर” अभी भी जारी है और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
गौरतलब है कि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम की बैसरन घाटी में आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलीबारी कर 26 लोगों की जान ले ली थी। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। हमले के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपने अभियानों को और तेज करते हुए स्पष्ट कर दिया कि देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

