दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि आग एक होटल में लगी थी, लेकिन अस्पताल के पास स्थित इस भवन में ठहरे अधिकांश लोग मरीजों के तीमारदार थे। यही कारण है कि यह हादसा Delhi Hospital Fire के नाम से भी चर्चा में है। प्रारंभिक जांच में भवन की संरचना और सुरक्षा मानकों में कई कमियां सामने आई हैं।
धुएं ने लिया सबसे ज्यादा लोगों की जान
विशेषज्ञों के अनुसार इस Delhi Hospital Fire से जुड़े हादसे में अधिकतर मौतें जलने से नहीं, बल्कि दम घुटने के कारण हुईं। जहरीले धुएं और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी गैसों ने लोगों को कुछ ही मिनटों में बेहोश कर दिया। अस्पताल में भर्ती कई मरीजों के फेफड़ों को गंभीर क्षति पहुंची है और कुछ की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।
एक ही एंट्री और एग्जिट बना सबसे बड़ा खतरा
अग्निशमन अधिकारियों के अनुसार भवन में प्रवेश और निकास के लिए केवल एक ही रास्ता था। आग लगने के बाद यही मार्ग धुएं से भर गया, जिससे लोग अंदर ही फंस गए। जांच एजेंसियों का मानना है कि Delhi Hospital Fire जैसी त्रासदी को रोकने के लिए वैकल्पिक निकास मार्ग अनिवार्य होना चाहिए था।
बचने के लिए लोगों ने लगाई ऊंची मंजिलों से छलांग
जब धुआं तेजी से कमरों में भरने लगा तो कई लोगों ने जान बचाने के लिए तीसरी और चौथी मंजिल से छलांग लगा दी। इस दौरान कई लोगों को गंभीर फ्रैक्चर और रीढ़ की चोटें आईं। Delhi Hospital Fire से जुड़े इस दर्दनाक दृश्य ने राजधानी को झकझोर कर रख दिया।
जांच में सामने आया क्षमता से अधिक संचालन का मामला
प्रारंभिक रिपोर्ट में पता चला है कि संबंधित भवन को सीमित कमरों के संचालन की अनुमति मिली थी, लेकिन वहां कहीं अधिक कमरे संचालित किए जा रहे थे। अधिकारियों का मानना है कि नियमों की अनदेखी ने Delhi Hospital Fire हादसे की गंभीरता को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।
एमसीडी और पुलिस की जांच तेज
दिल्ली नगर निगम, पुलिस और अग्निशमन विभाग ने संयुक्त जांच शुरू कर दी है। भवन के लाइसेंस, सुरक्षा प्रमाणपत्र और संचालन प्रक्रिया की समीक्षा की जा रही है। मामले में जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
विदेशी नागरिक भी हुए प्रभावित
इस हादसे में कई विदेशी नागरिकों के प्रभावित होने की सूचना है। विदेश मंत्रालय संबंधित देशों के दूतावासों के संपर्क में है और घायलों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

