दुर्ग जिले में तीन अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों की निगरानी की जा रही है। इसके अलावा सभी यात्रियों को 21 दिनों के लिए होम आइसोलेशन में रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार तीनों यात्री वर्तमान में स्वस्थ हैं। इसलिए किसी प्रकार के लक्षण दर्ज नहीं किए गए हैं।
निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत की जा रही कार्रवाई
यात्रियों का नियमित स्वास्थ्य मूल्यांकन किया जा रहा है। साथ ही प्रतिदिन दूरभाष के माध्यम से संपर्क स्थापित किया जा रहा है। स्वास्थ्य संबंधी जानकारी सुबह और शाम ली जा रही है। दरअसल यह प्रक्रिया एहतियाती उपायों का हिस्सा है।
इबोला वायरस के लक्षणों के प्रति जागरूकता
इबोला वायरस संक्रमण में बुखार और उल्टी देखी जा सकती है। इसके अलावा पेट दर्द और जोड़ों में दर्द भी प्रमुख लक्षण हैं। अत्यधिक थकान और सिरदर्द भी इसके संकेत हो सकते हैं। इसलिए लक्षणों की पहचान पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
संक्रमण नियंत्रण के लिए अपनाए जा रहे उपाय
संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क से संक्रमण फैल सकता है। साथ ही संक्रमित शारीरिक द्रव भी जोखिम बढ़ा सकते हैं। इसलिए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और आइसोलेशन व्यवस्था को सक्रिय रखा है। नतीजतन संभावित जोखिमों को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है।
स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता
एयरपोर्ट स्तर पर यात्रियों की क्लिनिकल स्क्रीनिंग की जा रही है। इसके अलावा जोखिम के आधार पर श्रेणीकरण किया जा रहा है। दुर्ग जिले में भी निर्धारित दिशानिर्देशों का पालन किया जा रहा है। कुल मिलाकर इबोला वायरस को लेकर स्वास्थ्य तंत्र सतर्क और सक्रिय बना हुआ है।

