रायपुर। डिजिटल पुलिसिंग को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से मुख्य सचिव विकास शील ने मंत्रालय महानदी भवन में गृह विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में राष्ट्रीय अपराध और अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एवं सिस्टम (CCTNS) के प्रदर्शन की समीक्षा की गई। अधिकारियों को कमजोर बिंदुओं में त्वरित सुधार के निर्देश दिए गए।
मुख्य अपडेट
- गृह विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित।
- CCTNS प्रदर्शन सुधारने के निर्देश।
- जीरो एफआईआर व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर।
- ई-चार्जशीट और ई-साक्ष्य के उपयोग को बढ़ावा।
- न्याय श्रुति प्रणाली जल्द शुरू होगी।
डिजिटल पुलिसिंग में सुधार के लिए तय हुई रणनीति
बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के नवीनतम स्टेट स्कोरकार्ड में छत्तीसगढ़ को 64.97 अंक प्राप्त हुए हैं। हालांकि प्रशासनिक सुधार और मेडिको-लीगल रिपोर्ट पोर्टल के बेहतर क्रियान्वयन में राज्य ने पूर्ण अंक हासिल किए हैं।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि राज्य के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने तकनीक आधारित पुलिसिंग को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया।
जीरो एफआईआर और ई-चार्जशीट पर विशेष जोर
बैठक में जीरो एफआईआर, ई-चार्जशीट और ई-साक्ष्य प्रणाली को अधिक मजबूत बनाने के निर्देश दिए गए। न्यायालयों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गवाही की सुविधा बढ़ाने के लिए ‘न्याय श्रुति प्रणाली’ जल्द शुरू करने की बात भी कही गई।
मुख्य सचिव ने 60 और 90 दिन की समयसीमा के भीतर चालान पेश करने और डिजिटल साक्ष्यों के प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में डीजीपी अरुण देव गौतम सहित गृह और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
एक नजर में
- NCRB स्कोरकार्ड में 64.97 अंक।
- प्रशासनिक सुधार में मिले पूर्ण अंक।
- डिजिटल न्याय प्रणाली पर जोर।
- विभागीय समन्वय बढ़ाने के निर्देश।
- समयबद्ध जांच और चालान पर फोकस।

