क्रिकेट के महान खिलाड़ी Sachin Tendulkar ने छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में बच्चों के बीच खेल संस्कृति को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर दिया। मां दंतेश्वरी विमानतल पर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि खेल बच्चों के जीवन में अनुशासन, टीम भावना और आत्मविश्वास विकसित करने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं।
तेंदुलकर ने इस अवसर पर एक महत्वाकांक्षी योजना का जिक्र करते हुए बताया कि 50 खेल मैदानों के निर्माण के जरिए करीब 5 हजार बच्चों को खेल के बेहतर अवसर प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल बच्चों को एक सुरक्षित और प्रेरणादायक वातावरण देगी, जहां वे अपनी प्रतिभा को पहचान सकेंगे और उसे निखार सकेंगे।
उन्होंने यह भी बताया कि वे स्वयं इन खेल मैदानों का दौरा करेंगे और बच्चों के साथ खेलकर उन्हें प्रेरित करेंगे। उनके अनुसार, बच्चों का शारीरिक गतिविधियों में शामिल होना बेहद जरूरी है, जिससे उनका शारीरिक और मानसिक विकास संतुलित तरीके से हो सके।
सचिन तेंदुलकर ने खो-खो, कबड्डी और वॉलीबॉल जैसे पारंपरिक खेलों की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि ये खेल न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा हैं, बल्कि बच्चों में सहयोग, नेतृत्व और अनुशासन की भावना भी विकसित करते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि आज के डिजिटल दौर में बच्चों का झुकाव मोबाइल और गैजेट्स की ओर बढ़ रहा है, जिससे उनकी सक्रियता प्रभावित हो रही है। ऐसे में खेल मैदान बच्चों को सक्रिय जीवनशैली अपनाने और फिट रहने के लिए प्रेरित करेंगे।
यह पहल न केवल बच्चों को स्वस्थ बनाएगी, बल्कि खेल प्रतिभाओं को उभारने का एक मजबूत मंच भी तैयार करेगी। तेंदुलकर की यह सोच भविष्य में खेलों के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर सकती है और देश को नई प्रतिभाएं दे सकती है।

