बिरसा मुंडा बलिदान दिवस पर आदिवासी प्रतिभाओं का सम्मान

CG DARSHAN
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नवा रायपुर के टीआरटीआई में आयोजित जनजातीय गरिमा उत्सव के दौरान आदिवासी प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। भगवान बिरसा मुंडा के शहादत दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम में 50 से अधिक प्रतिभाओं को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जनजातीय समाज की उपलब्धियों को पहचान दिलाना और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना रहा।

बिरसा मुंडा के बलिदान से मिली प्रेरणा

वक्ताओं ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन संघर्ष और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। आदिवासी प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम में उनके विचारों को विस्तार से प्रस्तुत किया गया। रूप सिंह मंडावी ने कहा कि जनजातीय समाज की परंपराएं और योगदान देश की सांस्कृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

स्वतंत्रता सेनानियों के वंशजों को मिला गौरव

कार्यक्रम में भूमकाल क्रांति, झंडा सत्याग्रह और जंगल सत्याग्रह के जननायकों के वंशजों को भी सम्मानित किया गया। आदिवासी प्रतिभा सम्मान के माध्यम से इतिहास और वर्तमान को जोड़ने का प्रयास किया गया, जिससे नई पीढ़ी अपने गौरवशाली अतीत से परिचित हो सके।

शिक्षा और शोध के क्षेत्र में भी सम्मान

समारोह में मेधावी छात्रों और शोधकर्ताओं को भी सम्मानित किया गया। आदिवासी प्रतिभा सम्मान ने शिक्षा, खेल और सांस्कृतिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। यह पहल युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने का कार्य कर रही है।

सामाजिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

अधिकारियों ने कहा कि यह आयोजन जनजातीय समाज की प्रतिभाओं को पहचान देने और उन्हें प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आदिवासी प्रतिभा सम्मान से समाज में सकारात्मक संदेश गया है और यह युवाओं को राष्ट्र निर्माण में भागीदारी के लिए प्रेरित करेगा।

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