केरल के प्रमुख धार्मिक स्थल सबरीमाला मंदिर के पास भारतीय तटरक्षक (ICG) के हेलिकॉप्टर की लो फ्लाइट का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना ने न केवल श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है, बल्कि प्रशासनिक सतर्कता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
गुरुवार को हुई इस घटना में हेलिकॉप्टर को मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों के ऊपर बेहद कम ऊंचाई पर उड़ते देखा गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हेलिकॉप्टर कई इमारतों के काफी करीब से गुजरा, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रही।
इस मामले में एडीजीपी एस. श्रीजीत ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट विशेष आयुक्त को सौंप दी है, जिन्हें केरल हाईकोर्ट ने नियुक्त किया है। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि घटना की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच आवश्यक है।
भारतीय तटरक्षक ने सफाई देते हुए कहा है कि खराब मौसम और घने बादलों के कारण हेलिकॉप्टर अपने निर्धारित मार्ग से भटक गया और पंबा पहाड़ियों के ऊपर से गुजरना पड़ा। हालांकि, जांच में यह भी सामने आया है कि इस दौरान स्थानीय प्रशासन को उड़ान की ऊंचाई में बदलाव की सूचना नहीं दी गई, जबकि यह क्षेत्र विशेष सुरक्षा जोन में आता है।
घटना के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर लिया। पांबा पुलिस ने केरल पुलिस अधिनियम की धारा 118(e) के तहत केस दर्ज किया है, जबकि जांच की जिम्मेदारी पथनमथिट्टा जिले के पुलिस प्रमुख को सौंपी गई है।
फिलहाल किसी को आरोपी नहीं बनाया गया है, लेकिन जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदारी तय होने की संभावना है। हाईकोर्ट इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और आने वाले समय में रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी, जिससे सुरक्षा मानकों को लेकर नई दिशा तय हो सकती है।

