भारतीय सेना को जल्द ही नया नेतृत्व मिलने जा रहा है। सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को New Indian Army Chief नियुक्त करने का फैसला किया है। वह 30 जून 2026 से सेना प्रमुख का पद संभालेंगे। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि उनके अनुभव और रणनीतिक सोच से भारतीय सेना के आधुनिकीकरण को नई गति मिल सकती है।
क्यों खास है यह नियुक्ति?
लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ लंबे समय से भारतीय सेना की विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। वर्तमान में वह सेना के उप प्रमुख हैं और कई रणनीतिक फैसलों का हिस्सा रहे हैं।
चार दशक का सैन्य अनुभव
करीब 40 वर्षों के सैन्य करियर में उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों, आतंकवाद प्रभावित इलाकों और महत्वपूर्ण सैन्य कमानों का नेतृत्व किया है। यही अनुभव उन्हें New Indian Army Chief के रूप में मजबूत दावेदार बनाता है।
सेना के आधुनिकीकरण में रही अहम भूमिका
भारतीय सेना तेजी से आधुनिक युद्ध तकनीकों की ओर बढ़ रही है। इस बदलाव में धीरज सेठ की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। उन्होंने सेना मुख्यालय में रहते हुए क्षमता विकास और तकनीकी उन्नयन से जुड़ी कई योजनाओं पर काम किया।
भविष्य की चुनौतियों पर विशेष फोकस
ड्रोन युद्ध, साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्मार्ट हथियार प्रणालियों जैसे क्षेत्रों में भारतीय सेना की तैयारियों को मजबूत करने में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। ऐसे में New Indian Army Chief के रूप में उनसे बड़ी उम्मीदें जुड़ी हैं।
कई महत्वपूर्ण कमानों का नेतृत्व
धीरज सेठ ने अपने करियर में पश्चिमी मोर्चे से लेकर जम्मू-कश्मीर तक विभिन्न परिचालन क्षेत्रों में नेतृत्व किया है। उन्होंने दक्षिण पश्चिमी कमान और दक्षिणी कमान जैसी अहम सैन्य संरचनाओं की कमान भी संभाली है।
दुर्लभ नेतृत्व अनुभव
दो प्रमुख ऑपरेशनल कमानों का नेतृत्व करना भारतीय सेना में बेहद दुर्लभ उपलब्धि माना जाता है। इससे उनकी रणनीतिक क्षमता और नेतृत्व कौशल का अंदाजा लगाया जा सकता है।
सैन्य शिक्षा में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन
धीरज सेठ केवल अनुभवी सैन्य अधिकारी ही नहीं, बल्कि एक उत्कृष्ट रणनीतिक विचारक भी माने जाते हैं। उन्होंने कई प्रतिष्ठित सैन्य संस्थानों से प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मिली पहचान
नेशनल डिफेंस कॉलेज और हायर कमांड कोर्स के अलावा उन्होंने फ्रांस के पेरिस में कमांड एंड स्टाफ कोर्स में भी भाग लिया। यह अनुभव उन्हें वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों को समझने में मदद करता है।
भारतीय सेना के सामने क्या होंगी प्राथमिकताएं?
सीमा सुरक्षा, तकनीकी आधुनिकीकरण, आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन और संयुक्त सैन्य संचालन आने वाले वर्षों में भारतीय सेना की प्रमुख प्राथमिकताएं रहेंगी।
आत्मनिर्भर भारत को मिलेगा बल
विशेषज्ञों का मानना है कि New Indian Army Chief के रूप में धीरज सेठ स्वदेशी रक्षा तकनीकों और आधुनिक सैन्य प्रणालियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

