भारत की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर Face Recognition System की तैनाती चर्चा का विषय बनी हुई है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह तकनीक सामान्य प्रदर्शनकारियों के लिए नहीं, बल्कि वांछित अपराधियों और हिस्ट्रीशीटरों की पहचान के लिए लगाई गई है। पुलिस के अनुसार इसका उद्देश्य प्रदर्शन स्थल पर कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करना है।
Face Recognition System क्यों लगाया गया?
दिल्ली पुलिस ने विरोध स्थल के आसपास चार फेशियल रिकॉग्निशन यूनिट स्थापित की हैं। ये कैमरे प्रमुख प्रवेश और निकास बिंदुओं पर लगाए गए हैं। इनका मुख्य उद्देश्य ऐसे लोगों की पहचान करना है, जिनका आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद है या जो कानून-व्यवस्था प्रभावित कर सकते हैं।
पुलिस का कहना है कि यह तकनीक केवल संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान के लिए इस्तेमाल होगी। सामान्य प्रदर्शनकारियों की निगरानी इसका उद्देश्य नहीं है।
दिल्ली पुलिस के डेटाबेस से जुड़ा है सिस्टम
यह Face Recognition System सीधे दिल्ली पुलिस के डिजिटल डेटाबेस से जुड़ा हुआ है। कैमरा किसी व्यक्ति का चेहरा स्कैन करते ही उपलब्ध रिकॉर्ड से उसका मिलान करता है। यदि कोई वांछित अपराधी, भगोड़ा या हिस्ट्रीशीटर सामने आता है तो पुलिस को तुरंत अलर्ट मिल जाता है।
इस तकनीक से सुरक्षा एजेंसियों को कम समय में संदिग्धों की पहचान करने में मदद मिलती है।
कैसे काम करता है Face Recognition System?
फेशियल बायोमेट्रिक तकनीक व्यक्ति के चेहरे की कई विशेषताओं का विश्लेषण करती है। इसमें आंखों की दूरी, नाक की बनावट, जबड़े की संरचना और चेहरे के अन्य बिंदुओं का अध्ययन किया जाता है।
इसके बाद सिस्टम एक डिजिटल फेस टेम्पलेट तैयार करता है। यह टेम्पलेट पहले से मौजूद रिकॉर्ड से मिलाया जाता है। पूरी प्रक्रिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सहायता ली जाती है, जिससे पहचान तेज और अधिक सटीक बनती है।
पुलिस ने क्या कहा?
दिल्ली पुलिस के अनुसार यह व्यवस्था केवल सुरक्षा के लिए लागू की गई है। अधिकारियों का कहना है कि यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि वाला व्यक्ति प्रदर्शन में शामिल होकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करता है, तो उसकी पहचान तुरंत की जा सकेगी।
पुलिस का दावा है कि इस तकनीक से शांतिपूर्ण प्रदर्शन सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।
मुख्य बातें
- जंतर-मंतर पर चार फेशियल रिकॉग्निशन यूनिट तैनात।
- सिस्टम सीधे दिल्ली पुलिस के डेटाबेस से जुड़ा।
- वांछित अपराधियों और हिस्ट्रीशीटरों की होगी पहचान।
- सामान्य प्रदर्शनकारियों की निगरानी उद्देश्य नहीं।
- एआई आधारित तकनीक से रियल-टाइम स्कैनिंग संभव।
Face Recognition System के प्रमुख फायदे
- संदिग्ध व्यक्तियों की तेज पहचान।
- सुरक्षा एजेंसियों को रियल-टाइम अलर्ट।
- भीड़भाड़ वाले आयोजनों में बेहतर निगरानी।
- कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद।
- अपराधियों की तलाश में समय की बचत।

