Sonam Wangchuk News में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों से जारी अपना अनशन समाप्त कर दिया है। उन्होंने वीडियो संदेश जारी कर बताया कि सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही यह फैसला लिया गया। इस घटनाक्रम ने परीक्षा सुधार और छात्रों के अधिकारों पर राष्ट्रीय स्तर पर नई बहस शुरू कर दी है।
सोनम वांगचुक ने बताया कि पिछले दो दिनों से सरकार के साथ लगातार बातचीत चल रही थी। शुरुआत में मौखिक भरोसा दिया गया था। हालांकि, उन्होंने लिखित आश्वासन की मांग पर जोर दिया। आखिरकार सरकार ने तीन प्रमुख बिंदुओं पर लिखित सहमति दी, जिसके बाद अनशन समाप्त कर दिया गया।
मुख्य बातें
- 26 दिनों बाद अनशन समाप्त हुआ।
- सरकार ने तीन लिखित आश्वासन दिए।
- छात्रों पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी।
- पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने का भरोसा मिला।
- परीक्षा सुधार पर संसद में चर्चा होगी।
Sonam Wangchuk News में सरकार के तीन बड़े आश्वासन
Sonam Wangchuk News के अनुसार सरकार ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों और युवाओं पर कोई एफआईआर दर्ज नहीं करने का भरोसा दिया है। इसके साथ ही, पेपर लीक से प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने का भी आश्वासन दिया गया है।
सरकार ने यह भी कहा कि संसद में परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक और शिक्षा सुधार से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा कराई जाएगी। इससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपायों पर विचार किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, जितेंद्र सिंह और लद्दाख एपेक्स बॉडी के प्रतिनिधियों ने भी सोनम वांगचुक से मुलाकात की। वहीं, विभिन्न राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने उनसे अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया था।
Sonam Wangchuk News में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर क्या बोले वांगचुक?
Sonam Wangchuk News के तहत जारी वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर सरकार ने कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं दी। हालांकि, उन्होंने माना कि लंबे समय तक भूख हड़ताल जारी रखना उनके स्वास्थ्य के लिए उचित नहीं था।
उन्होंने कहा कि हजारों लोगों ने उन्हें स्वस्थ रहकर आंदोलन जारी रखने की सलाह दी। इसलिए लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया।
एक नजर में
- छात्रों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी।
- पीड़ित परिवारों को मुआवजा मिलेगा।
- संसद में परीक्षा सुधार पर बहस होगी।
- आंदोलन को कई सांसदों का समर्थन मिला।
- वांगचुक ने देशवासियों का आभार जताया।

