टीम चयन पर शिखर धवन ने कही बड़ी बात

CG DARSHAN
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भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने टीम चयन प्रक्रिया में क्षेत्रीय भेदभाव की धारणा को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी का प्रदर्शन ही उसकी सबसे बड़ी पहचान होता है। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि कई बार किस्मत का असर देखने को मिलता है।

प्रदर्शन से बनती है टीम में जगह

शिखर धवन से जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ियों को कम अवसर मिलने को लेकर सवाल किया गया था। उनसे पूछा गया कि क्या क्षेत्र के आधार पर खिलाड़ियों के साथ भेदभाव होता है। धवन ने इस विचार को स्पष्ट रूप से नकार दिया।

उनके मुताबिक, अगर कोई खिलाड़ी लगातार अच्छा प्रदर्शन करता है, तो उसे ज्यादा समय तक नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि मैदान पर किया गया प्रदर्शन ही खिलाड़ी की असली पहचान बनता है।

धवन ने यह भी बताया कि अवसरों की कमी सिर्फ किसी एक क्षेत्र की समस्या नहीं है। दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े क्रिकेट केंद्रों में भी कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मौका नहीं मिल पाता। वहीं, उनकी जगह किसी दूसरे खिलाड़ी का चयन हो जाता है।

टीम चयन प्रक्रिया में किस्मत की भी भूमिका

धवन ने माना कि टीम चयन प्रक्रिया में प्रदर्शन के साथ किस्मत भी कुछ हद तक भूमिका निभाती है। कई बार दो खिलाड़ी समान रूप से मजबूत होते हैं। ऐसी स्थिति में किसी एक को अवसर मिल सकता है।

उन्होंने इसे क्रिकेट का हिस्सा बताया। साथ ही, उन्होंने खिलाड़ियों को अपने प्रदर्शन पर लगातार ध्यान देने की सलाह दी।

उमरान मलिक और परवेज रसूल का उदाहरण

धवन ने जम्मू-कश्मीर के क्रिकेटरों परवेज रसूल और उमरान मलिक का उदाहरण भी दिया। दोनों खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला है।

धवन के साथ परवेज रसूल को प्रो स्टार क्रिकेट लीग के दूसरे सत्र का आइकॉनिक खिलाड़ी घोषित किया गया है। इस लीग का उद्देश्य देशभर की उभरती क्रिकेट प्रतिभाओं को मंच देना है।

टूर्नामेंट अगले साल मार्च के पहले सप्ताह में शुरू होगा। इसकी शुरुआत श्रीनगर से होगी। वहीं, प्रतियोगिता का फाइनल देहरादून में आयोजित किया जाएगा।

लीग से नई प्रतिभाओं को मिलेगा मंच

आयोजकों के अनुसार, प्रतियोगिता का लक्ष्य प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करना है। इसके जरिए युवा क्रिकेटरों को प्रतिस्पर्धी माहौल मिलेगा।

धवन ने भी प्रतिभाओं को मिले अवसर की अहमियत पर जोर दिया। हालांकि, उनका मानना है कि सिर्फ मौका मिलना पर्याप्त नहीं है। खिलाड़ी को उस स्तर पर निरंतर प्रदर्शन भी करना होगा।

टीम चयन प्रक्रिया पर धवन की टिप्पणी का यही मुख्य संदेश रहा। उनके अनुसार, अवसर मिलने के बाद प्रदर्शन को बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण है।

एक नजर में

  • शिखर धवन ने क्षेत्रीय भेदभाव की धारणा को खारिज किया।
  • उन्होंने प्रदर्शन को चयन का प्रमुख आधार बताया।
  • धवन ने किस्मत की भूमिका को भी स्वीकार किया।
  • उन्होंने दिल्ली और मुंबई के खिलाड़ियों का उदाहरण दिया।
  • परवेज रसूल और उमरान मलिक का भी जिक्र किया।

मुख्य अपडेट

  • प्रो स्टार क्रिकेट लीग का दूसरा सत्र अगले साल मार्च में शुरू होगा।
  • टूर्नामेंट की शुरुआत श्रीनगर से होगी।
  • फाइनल मुकाबला देहरादून में खेला जाएगा।
  • लीग का उद्देश्य नई क्रिकेट प्रतिभाओं को तलाशना है।
  • शिखर धवन और परवेज रसूल आइकॉनिक खिलाड़ी होंगे।

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