मीडिया शिक्षा को नई दिशा, राज्यपाल डेका ने एआई पर दिया जोर

CG DARSHAN
CG DARSHAN 7 Min Read
7 Min Read
Advertisement Carousel

रायपुर में कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई। राज्यपाल रमेन डेका ने सावित्रीबाई फुले कन्या छात्रावास का शुभारंभ किया। इसके अलावा, मेधा एआई एवं मीडिया शोध केंद्र का उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में उन्होंने पत्रकारिता के बदलते स्वरूप और विद्यार्थियों की भूमिका पर विचार रखे।

राज्यपाल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने मीडिया के क्षेत्र में तेजी से बदलाव किए हैं। इसलिए विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों की समझ विकसित करनी चाहिए। साथ ही, तकनीक के इस्तेमाल में जिम्मेदारी और नैतिकता बनाए रखना जरूरी है। ऐसे प्रयासों से मीडिया शिक्षा को नई दिशा मिल सकती है।

एआई के दौर में मीडिया की बदलती तस्वीर

राज्यपाल ने कहा कि एआई के आने से समाचार और मीडिया से जुड़े कार्यों में बदलाव हो रहा है। नई तकनीक शोध और सामग्री निर्माण के तरीकों को प्रभावित कर रही है।

विश्वविद्यालय में स्थापित मेधा एआई एवं मीडिया शोध केंद्र विद्यार्थियों को इन बदलावों को समझने में मदद करेगा। इसके माध्यम से नई तकनीकों के प्रभाव और उपयोग पर अध्ययन किया जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि तकनीकी दक्षता के साथ जिम्मेदार उपयोग की समझ भी जरूरी है। केवल तकनीक सीखना पर्याप्त नहीं है। उसके सामाजिक प्रभावों को समझना भी आवश्यक है।

मीडिया शिक्षा में तकनीक के साथ नैतिकता जरूरी

राज्यपाल ने कहा कि मीडिया शिक्षा में तकनीकी ज्ञान के साथ पत्रकारिता के मूल सिद्धांत भी मजबूत होने चाहिए। सत्य, तथ्य और जनहित पत्रकारिता की बुनियाद हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों से समाचारों की विश्वसनीयता बनाए रखने की अपील की। सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही सूचनाओं को लेकर उन्होंने विशेष सावधानी बरतने को कहा।

खबर से पहले तथ्य की पुष्टि जरूरी

राज्यपाल ने कहा कि किसी व्यक्ति से जुड़ी खबर प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की पूरी जांच होनी चाहिए। एक समाचार का असर संबंधित व्यक्ति के साथ पूरे समाज पर पड़ सकता है।

उन्होंने सोशल मीडिया को सूचना प्रसार का तेज माध्यम बताया। हालांकि, वहां उपलब्ध हर सामग्री को सही मानना उचित नहीं है।

इसलिए पत्रकारों को स्रोतों की जांच करनी चाहिए। इसके बाद ही किसी सूचना को समाचार के रूप में प्रसारित करना चाहिए।

सबसे तेज नहीं, सबसे विश्वसनीय खबर महत्वपूर्ण

राज्यपाल ने पत्रकारिता में गुणवत्ता को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने कहा कि पत्रकार की सफलता केवल खबर सबसे पहले देने में नहीं है।

सही जानकारी और तथ्यपरक प्रस्तुति पत्रकारिता की विश्वसनीयता बढ़ाती है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी निभाना भी जरूरी है।

उन्होंने कहा कि पत्रकारिता को समाज के अंतिम व्यक्ति की आवाज बनना चाहिए। आम लोगों की समस्याओं को सामने लाना मीडिया की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

अनदेखी प्रतिभाओं को मंच देने की जरूरत

राज्यपाल ने समाज में काम कर रहे अनसुने लोगों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कई व्यक्तियों के उल्लेखनीय कार्य व्यापक समाज तक नहीं पहुंच पाते।

पत्रकार ऐसे लोगों की उपलब्धियों को सामने ला सकते हैं। समाचार और फीचर लेखों के जरिए उनके कार्यों को लोगों तक पहुंचाया जा सकता है।

इससे समाज में सकारात्मक प्रेरणा पैदा होगी। साथ ही, नए लोगों को बेहतर कार्य करने का प्रोत्साहन मिलेगा।

सावित्रीबाई फुले कन्या छात्रावास का उद्घाटन

कार्यक्रम में सावित्रीबाई फुले कन्या छात्रावास का शुभारंभ भी किया गया। राज्यपाल ने महिला शिक्षा और नारी सशक्तीकरण में सावित्रीबाई फुले के योगदान को याद किया।

उन्होंने कहा कि छात्रावास का नाम छात्राओं को उनके आदर्शों से प्रेरित करेगा। दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को सुरक्षित और अनुकूल वातावरण मिल सकेगा।

इससे उनकी उच्च शिक्षा और प्रतिभा विकास को भी सहयोग मिलेगा।

विश्वविद्यालय में एक हजार विद्यार्थियों का लक्ष्य

राज्यपाल ने विद्यार्थी कल्याण को विश्वविद्यालय की प्राथमिकता बनाने की बात कही। उन्होंने छात्र संख्या बढ़ाने के लिए समन्वित प्रयासों पर जोर दिया।

उन्होंने विश्वविद्यालय में कम से कम एक हजार विद्यार्थियों का लक्ष्य रखने की आवश्यकता बताई। साथ ही, पाठ्यक्रमों की आवश्यक मान्यता सुनिश्चित करने की बात कही।

उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देने का आह्वान किया।

कुशाभाऊ ठाकरे को किया याद

राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के प्रेरणास्रोत स्वर्गीय कुशाभाऊ ठाकरे की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने ठाकरे जी के साथ बिताए अवसरों को याद किया।

इस दौरान उन्होंने उनके प्रेरणादायी विचारों और उद्धरणों को भी विद्यार्थियों के साथ साझा किया।

कार्यक्रम में कुलपति मनोज दयाल ने स्वागत भाषण दिया। संचालन डॉ. आशुतोष मंडावी ने किया। कुलसचिव सुनील कुमार शर्मा ने आभार व्यक्त किया।

एक नजर में

  • राज्यपाल रमेन डेका ने विश्वविद्यालय में दो महत्वपूर्ण पहल शुरू कीं।
  • सावित्रीबाई फुले कन्या छात्रावास का शुभारंभ किया गया।
  • मेधा एआई एवं मीडिया शोध केंद्र शुरू हुआ।
  • एआई के जिम्मेदार इस्तेमाल पर जोर दिया गया।
  • समाचारों में तथ्य-जांच को जरूरी बताया गया।
  • जनहित आधारित पत्रकारिता का संदेश दिया गया।
  • विश्वविद्यालय में एक हजार विद्यार्थियों का लक्ष्य सुझाया गया।

मुख्य बिंदु

  • एआई: मीडिया क्षेत्र में तकनीकी बदलाव पर चर्चा।
  • पत्रकारिता: सत्य और तथ्य को प्राथमिकता देने की अपील।
  • फैक्ट चेक: समाचार प्रसारण से पहले जानकारी की पुष्टि जरूरी।
  • महिला शिक्षा: छात्राओं के लिए सुरक्षित आवासीय सुविधा।
  • मीडिया: समाज के अंतिम व्यक्ति की समस्याओं को सामने लाने पर जोर।
  • शिक्षा: गुणवत्ता और पाठ्यक्रमों की मान्यता पर ध्यान।

कुल मिलाकर, विश्वविद्यालय में नई सुविधाओं की शुरुआत के साथ पत्रकारिता शिक्षा को तकनीकी बदलावों से जोड़ने का प्रयास सामने आया। मीडिया शिक्षा में तकनीक और नैतिक मूल्यों का संतुलन विद्यार्थियों को बेहतर पत्रकार बनने में मदद कर सकता है।

यह भी पढ़ें: रायपुर में दही हांडी कार्यक्रम में पहुंचे CM साय, बोले- एकता से मिलती है सफलता

 

Share This Article
Leave a comment