बिलासपुर के बहतराई स्टेडियम में तीजा मिलन समारोह का भव्य आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महिलाओं के साथ पर्व की खुशियां साझा कीं। पारंपरिक वेशभूषा में बड़ी संख्या में माताएं और बहनें कार्यक्रम में पहुंचीं। पूरे परिसर में छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति की सुंदर झलक देखने को मिली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति का पावन पर्व है। इसमें महिलाओं की आस्था और परिवार की खुशहाली की कामना जुड़ी है। उन्होंने भगवान शिव और माता पार्वती से महिलाओं के सुखी जीवन की प्रार्थना की।
महिलाओं की आर्थिक मजबूती पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाएं अब केवल योजनाओं की लाभार्थी नहीं हैं। वे प्रदेश की विकास यात्रा में सक्रिय भागीदार बन रही हैं। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं कई आजीविका गतिविधियों से जुड़ी हैं।
छत्तीसगढ़ में लखपति दीदी अभियान ने महिला आर्थिक सशक्तीकरण को नई दिशा दी है। मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य में 13 लाख 85 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। इसके अलावा, ड्रोन दीदियां आधुनिक तकनीक से स्वरोजगार हासिल कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि कुछ महिलाएं सेंटरिंग प्लेट व्यवसाय चला रही हैं। वहीं कई महिलाएं ई-रिक्शा चलाकर आय अर्जित कर रही हैं। इससे महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ रहा है।
लखपति दीदी से आत्मनिर्भरता तक बढ़ता कदम
महिला स्व-सहायता समूहों की भूमिका भी इस बदलाव में अहम है। समूहों से जुड़ी महिलाएं अपने कौशल के आधार पर आय के नए साधन विकसित कर रही हैं। हालांकि, सरकार का लक्ष्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं है।
महिलाओं को उद्यमिता और उद्योगों से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। लखपति दीदी की उपलब्धि इसी आर्थिक बदलाव की एक महत्वपूर्ण तस्वीर प्रस्तुत करती है।
महतारी वंदन योजना से मिल रहा आर्थिक संबल
मुख्यमंत्री ने महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा से जुड़े प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना के तहत 68 लाख से अधिक महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है।
अब तक योजना की 31 किश्तों का भुगतान किया जा चुका है। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह सहायता महिलाओं को अपनी जरूरतों के लिए आर्थिक रूप से सक्षम बना रही है।
साथ ही, सरकार महिलाओं को शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने पर भी काम कर रही है। उनका कहना है कि सशक्त महिलाएं मजबूत परिवार और विकसित समाज की आधारशिला हैं।
तीजा ने सहेजी छत्तीसगढ़ की लोकपरंपरा
तीजा मिलन समारोह में संस्कृति और नारी शक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। महिलाओं के लिए झूले और मेहंदी की व्यवस्था की गई थी। बच्चों के लिए भी विभिन्न मनोरंजक गतिविधियां आयोजित की गईं।
गीत-संगीत और पारंपरिक परिधान ने कार्यक्रम की रौनक बढ़ाई। भोजन और उपहार की व्यवस्था ने भी आयोजन को खास बनाया। विवाहित बेटियों के मायके लौटने की परंपरा तीजा से गहराई से जुड़ी है।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने तीजा को सामाजिक आत्मीयता से जोड़ने वाला पर्व बताया। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने इसे संस्कृति और आस्था का प्रतीक कहा।
क्षेत्रवासियों को मिली महत्वपूर्ण सौगात
मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम के दौरान कई घोषणाएं भी कीं। उन्होंने बिल्हा विकासखंड के चोरहादेवरी गांव का नाम बदलकर रामदेवरी करने की घोषणा की।
इसके साथ ही माघी पूर्णिमा पर होने वाले बेलतरा महोत्सव के लिए 30 लाख रुपये देने की घोषणा की गई। इन घोषणाओं का कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने स्वागत किया।
कुल मिलाकर, बहतराई स्टेडियम का आयोजन संस्कृति और महिला सशक्तीकरण का मंच बना। लखपति दीदी जैसी उपलब्धियां महिलाओं की बदलती आर्थिक भूमिका को दर्शाती हैं। वहीं तीजा जैसे पर्व छत्तीसगढ़ की परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचा रहे हैं।
कार्यक्रम में ये प्रमुख लोग रहे मौजूद
- उप मुख्यमंत्री अरुण साव
- महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े
- विधायक अमर अग्रवाल
- विधायक धरमलाल कौशिक
- विधायक सुशांत शुक्ला
- विधायक भावना बोहरा
- महापौर पूजा विधानी
- जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी
- संभागायुक्त सुनील जैन
- कलेक्टर संजय अग्रवाल
- एसएसपी रजनेश सिंह
- नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे
मुख्य बातें
- बहतराई स्टेडियम में भव्य तीजा मिलन समारोह हुआ।
- मुख्यमंत्री साय ने महिलाओं के साथ पर्व की खुशियां साझा कीं।
- 13.85 लाख से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ीं।
- चोरहादेवरी का नाम अब रामदेवरी करने की घोषणा हुई।
- बेलतरा महोत्सव के लिए 30 लाख रुपये देने की घोषणा हुई।

