रायपुर के गुढ़ियारी स्थित अवधपुरी मैदान में भव्य धार्मिक आयोजन हुआ। CM साय रायपुर में आयोजित दही हांडी कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने गोविंदा टोलियों का उत्साह बढ़ाया। साथ ही प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की शुभकामनाएं दीं।
एकता और सहयोग पर CM साय का जोर
मुख्यमंत्री ने दही हांडी को सामूहिक प्रयास का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि हांडी फोड़ने वाला गोविंदा अकेले सफल नहीं होता। उसके पीछे पूरी टोली की मेहनत होती है।
हर सदस्य अपने स्तर पर महत्वपूर्ण योगदान देता है। सभी के सहयोग से लक्ष्य हासिल होता है। इसलिए समाज में भी एकजुट होकर आगे बढ़ना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने इस भावना को प्रदेश के विकास से भी जोड़ा।
CM साय रायपुर में बोले, कर्तव्य से पीछे न हटें
मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने अलग-अलग भूमिकाएं पूरी जिम्मेदारी से निभाईं। उन्होंने मित्रता और प्रेम का संदेश दिया।
द्वारका के नेतृत्वकर्ता के रूप में उन्होंने कुशल नेतृत्व दिखाया। वहीं कुरुक्षेत्र में सारथी बनकर कर्मयोग का मार्ग बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि परिस्थितियां कैसी भी हों। व्यक्ति को अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटना चाहिए।
छत्तीसगढ़ की धार्मिक पहचान पर चर्चा
CM साय रायपुर के इस कार्यक्रम में प्रदेश की आध्यात्मिक विरासत का भी उल्लेख हुआ। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ को प्रभु श्रीराम से जुड़ी भूमि बताया। उन्होंने माता कौशल्या की जन्मभूमि होने की बात भी कही।
उन्होंने बताया कि भगवान श्रीराम ने वनवास के दौरान छत्तीसगढ़ की धरती पर समय बिताया। अबूझमाड़ क्षेत्र का संबंध प्राचीन दंडकारण्य से बताया गया।
मुख्यमंत्री ने धार्मिक स्थलों के संरक्षण पर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने श्री रामलला दर्शन योजना की जानकारी भी दी। इस योजना से 50 हजार से ज्यादा श्रद्धालु अयोध्या जा चुके हैं।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का भी उल्लेख किया गया। इसके तहत 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने तीर्थ स्थलों के दर्शन किए हैं। वहीं सुरभि गोधाम योजना से गौवंश संरक्षण की दिशा में काम किया जा रहा है।
धार्मिक स्थलों और शक्तिपीठों का उल्लेख
छत्तीसगढ़ में कई महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल हैं। मुख्यमंत्री ने भोरमदेव और कुलेश्वर महादेव का उल्लेख किया। जशपुर के मधेश्वर पहाड़ की विशेष पहचान भी बताई।
इसके साथ ही प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों की जानकारी दी गई। इनमें मां बम्लेश्वरी, मां महामाया, मां दंतेश्वरी और मां चंद्रहासिनी प्रमुख हैं।
CM साय रायपुर कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग
आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं। गोविंदा टोलियों ने दही हांडी प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। पूरे कार्यक्रम में उत्साह और भक्ति का माहौल रहा।
भजन गायक लखबीर सिंह लक्खा ने अपनी प्रस्तुति दी। लोकप्रिय गायक बी प्राक ने भी कार्यक्रम में प्रस्तुति दी। उनके गीतों से आयोजन स्थल भक्तिमय नजर आया।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी
CM साय रायपुर कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा सहित विधायक मोतीलाल साहू उपस्थित रहे। विधायक अनुज शर्मा और ईश्वर साहू ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। अन्य जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में आम नागरिकों की मौजूदगी रही।
मुख्य बातें
- अवधपुरी मैदान में विशाल दही हांडी कार्यक्रम हुआ।
- मुख्यमंत्री ने गोविंदा टोलियों का उत्साह बढ़ाया।
- एकता और सहयोग को सफलता की कुंजी बताया।
- भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से कर्तव्य की सीख लेने पर जोर दिया।
- धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की बात कही।
एक नजर में
- स्थान: अवधपुरी मैदान, गुढ़ियारी, रायपुर
- अवसर: श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
- मुख्य आकर्षण: दही हांडी प्रतियोगिता
- मुख्य संदेश: एकता, सहयोग और कर्तव्य
- सांस्कृतिक प्रस्तुतियां: लखबीर सिंह लक्खा और बी प्राक
कुल मिलाकर, आयोजन ने धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्ण के आदर्शों को जीवन में अपनाने की अपील की। साथ ही सामूहिक प्रयास को सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताया।

