द्रोणाचार्य संगम: राज्यपाल रमेन डेका ने दिया सफलता का मंत्र

CG DARSHAN
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‘द्रोणाचार्य संगम’ में राज्यपाल रमेन डेका ने विद्यार्थियों को सफलता का मंत्र दिया। शिक्षक दिवस पर बिलासपुर के एसईसीएल-डीएवी पब्लिक स्कूल में कार्यक्रम हुआ। वसंत विहार स्थित विद्यालय में आयोजित समारोह में शिक्षक सम्मानित हुए।

शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मान मिला। इस दौरान राज्यपाल ने शिक्षा और संस्कारों के महत्व पर बात की। उन्होंने युवाओं को तकनीक का विवेकपूर्ण उपयोग करने की सलाह दी।

द्रोणाचार्य संगम में शिक्षकों के योगदान को मिला सम्मान

कार्यक्रम में अलग-अलग श्रेणियों के शिक्षकों को सम्मानित किया गया। शिक्षा क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान की सराहना हुई। राज्यपाल ने शिक्षकों के समर्पण को समाज के लिए महत्वपूर्ण बताया।

उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं। शिक्षक केवल पाठ्यक्रम तक सीमित जिम्मेदारी नहीं निभाते। वे बच्चों में सोच, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी भी विकसित करते हैं।

मुख्य बातें:

  • विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट शिक्षक सम्मानित हुए।
  • समय के बेहतर उपयोग पर विशेष जोर दिया गया।
  • युवाओं को तकनीक का सकारात्मक इस्तेमाल करने कहा गया।
  • शिक्षा में संस्कार और मूल्यों को जरूरी बताया गया।
  • परिवार और शिक्षकों की भूमिका पर प्रकाश डाला गया।

आधुनिक शिक्षा में संस्कारों की भूमिका अहम

राज्यपाल ने प्राचीन भारतीय शिक्षा व्यवस्था का भी उल्लेख किया। उन्होंने गुरुकुल परंपरा को शिक्षा और संस्कारों से जोड़ा। उनके अनुसार आधुनिक शिक्षा में भी जीवन मूल्यों को स्थान मिलना चाहिए।

आज विद्यार्थियों के पास जानकारी के कई साधन मौजूद हैं। इंटरनेट ने ज्ञान प्राप्त करने के अवसर बढ़ाए हैं। हालांकि, इसका इस्तेमाल सही दिशा में होना जरूरी है। इसलिए युवाओं को अपने समय और संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करना चाहिए।

द्रोणाचार्य संगम में युवाओं को मिला सफलता का संदेश

राज्यपाल ने विद्यार्थियों से लगातार मेहनत करने की अपील की। उन्होंने चुनौतियों से डरने के बजाय उनका सामना करने की बात कही। उनके अनुसार सफलता के लिए निरंतर प्रयास जरूरी है।

उन्होंने युवाओं को लक्ष्य के प्रति गंभीर रहने की सलाह दी। साथ ही, इंटरनेट और तकनीक को सीखने का माध्यम बनाने कहा।

देशभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी पर जोर

राज्यपाल ने बच्चों में देशभक्ति की भावना विकसित करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि जागरूक नागरिक देश और समाज को मजबूत बनाते हैं।

उन्होंने परिवार और शिक्षकों को संस्कार देने का प्रमुख माध्यम बताया। बच्चों के व्यक्तित्व विकास में दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण है। वहीं, वरिष्ठ नागरिकों को सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का संदेश दिया।

उन्होंने जीवन में संतोष और कृतज्ञता रखने की बात कही। वर्तमान समय को बेहतर तरीके से जीने पर भी जोर दिया।

कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद:

  • संभागायुक्त सुनील जैन
  • कलेक्टर संजय अग्रवाल
  • एसईसीएल डायरेक्टर बिरंची दास
  • हिमांशु जैन
  • एसईसीएल के अधिकारी और कर्मचारी
  • डीएवी प्रबंधन के प्रतिनिधि
  • विभिन्न प्रोजेक्ट स्कूलों के प्रतिनिधि
  • शिक्षक-शिक्षिकाएं और विद्यार्थी

एसईसीएल-डीएवी साझेदारी की हुई सराहना

कार्यक्रम में एसईसीएल और डीएवी के शैक्षणिक सहयोग को महत्वपूर्ण बताया गया। इस साझेदारी को शिक्षा के विकास की दिशा में उपयोगी पहल माना गया।

कार्यक्रम ने शिक्षकों को अपने अनुभव साझा करने का अवसर दिया। साथ ही, उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्यों को प्रोत्साहित किया गया। शिक्षकों के योगदान को सम्मान देने की परंपरा को भी बल मिला।

कुल मिलाकर, द्रोणाचार्य संगम में शिक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषय सामने आए। राज्यपाल ने समय और परिश्रम को सफलता का आधार बताया। साथ ही, आधुनिक ज्ञान के साथ संस्कारों को जरूरी बताया। युवाओं को तकनीक का सकारात्मक इस्तेमाल करने का संदेश भी दिया।

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