छत्तीसगढ़ के चंपारण को पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान मिलने जा रही है। वल्लभाचार्य स्टैच्यू कॉम्प्लेक्स के निर्माण की योजना को मंजूरी मिल गई है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 73 करोड़ रुपये है।
महाप्रभु वल्लभाचार्य की जन्मस्थली चंपारण को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए करीब 15 एकड़ क्षेत्र में विकास कार्य प्रस्तावित हैं।
परियोजना में धार्मिक विरासत के साथ आधुनिक पर्यटन सुविधाओं को जोड़ा जाएगा। इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
चंपारण में बढ़ेंगी पर्यटन सुविधाएं
वल्लभाचार्य स्टैच्यू कॉम्प्लेक्स परियोजना के तहत चंपारण में कई सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को प्रमुखता दी जाएगी।
परियोजना पूरी होने के बाद पर्यटन गतिविधियों का दायरा बढ़ सकता है। आध्यात्मिक और धार्मिक पर्यटन के साथ सांस्कृतिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
इसके अलावा विरासत, शिक्षा और वेलनेस पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों के विस्तार की योजना है। इससे चंपारण को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
15 एकड़ में विकसित होगा कॉम्प्लेक्स
वल्लभाचार्य स्टैच्यू कॉम्प्लेक्स करीब 15 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। परियोजना का काम छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा कराया जाएगा।
इसके लिए 18 महीने की समयसीमा निर्धारित की गई है। परियोजना की डीपीआर और कार्य-सीमा पहले ही तैयार की जा चुकी है।
स्वीकृति मिलने के बाद अब निविदा प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है। इसके बाद विकास कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा।
धार्मिक विरासत के साथ आधुनिक सुविधाएं
वल्लभाचार्य स्टैच्यू कॉम्प्लेक्स के विकास में स्थल की धार्मिक गरिमा बनाए रखने पर जोर दिया जाएगा। श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली सुविधाएं तैयार की जाएंगी।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने परियोजना को महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने चंपारण की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने पर जोर दिया।
केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश के प्रमुख आध्यात्मिक स्थलों पर सुविधाएं बढ़ाने की बात भी कही गई है। इसी दिशा में चंपारण के विकास की योजना तैयार की गई है।
परियोजना पूरी होने के बाद वल्लभाचार्य स्टैच्यू कॉम्प्लेक्स चंपारण आने वाले पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण बन सकता है। इससे क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को विस्तार मिलने की संभावना है।

