महिला रक्तदान से बना रिकॉर्ड, 1000 से अधिक महिलाओं ने किया रक्तदान

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रायपुर में आयोजित सेवा संकल्प अभियान में महिला रक्तदान की बड़ी पहल देखने को मिली। एक ही दिन में 1000 से अधिक महिलाओं ने रक्तदान किया। इस उपलब्धि को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में किया गया। इसमें रक्तदान महाकुंभ के साथ आयुर्वेद सेवा सम्मेलन और स्वास्थ्य जांच शिविर भी आयोजित हुए।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रक्तदाताओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि रक्तदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए जीवन बचाने वाला योगदान हो सकता है।

महिला रक्तदान के लिए 3600 से अधिक पंजीयन

महिला रक्तदान कार्यक्रम में 3600 से अधिक महिलाओं ने पंजीयन कराया था। रक्तदान की सुविधा के लिए 200 बेड लगाए गए थे।

आयोजन में लगभग 2500 यूनिट रक्तदान का लक्ष्य रखा गया। इसमें महिलाओं के साथ पुरुषों ने भी हिस्सा लिया।

एक दिन में 1000 से अधिक महिलाओं के रक्तदान की पहल को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को प्रमाणपत्र और मेडल प्रदान किया।

सेवा भावना से जुड़ी महिलाओं की बड़ी भागीदारी

महिला रक्तदान में महिलाओं की बड़ी भागीदारी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही। मुख्यमंत्री ने इसे जनसेवा और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़ा प्रयास बताया।

उन्होंने कहा कि रक्तदान का महत्व किसी रिकॉर्ड तक सीमित नहीं है। रक्त की प्रत्येक यूनिट जरूरतमंद मरीज के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।

युवाओं और समाज के अन्य वर्गों ने भी रक्तदान में हिस्सा लिया। इससे कार्यक्रम में व्यापक जनभागीदारी देखने को मिली।

देहदान के लिए 31 लोगों ने लिया संकल्प

कार्यक्रम के दौरान महिला रक्तदान के साथ देहदान और अंगदान को लेकर भी जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया। प्रोजेक्ट दधीचि के तहत 31 लोगों ने देहदान का संकल्प लिया।

इनमें पद्मश्री और धरसींवा विधायक अनुज शर्मा भी शामिल रहे। प्रोजेक्ट के तहत अब तक 103 लोग देहदान का संकल्प ले चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने देहदान और अंगदान को मानव सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने संकल्प लेने वाले लोगों की सेवा भावना की सराहना की।

आयुर्वेद सेवा सम्मेलन भी हुआ आयोजित

कार्यक्रम में राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर आयुर्वेद सेवा सम्मेलन आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ने आयुर्वेद को भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की महत्वपूर्ण धरोहर बताया।

उन्होंने कहा कि आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

सेवा संकल्प अभियान के तहत जरूरतमंद बच्चों के लिए पुस्तक, खिलौने और स्टेशनरी भी एकत्र की जा रही है। इसका उद्देश्य सेवा गतिविधियों को अधिक लोगों तक पहुंचाना है।

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