बीरगांव विकास रोडमैप को लेकर राज्य सरकार ने कई अहम घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने क्षेत्र के लिए 135 करोड़ रुपये से अधिक के कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इसके साथ करीब 110 करोड़ रुपये के नए कार्यों की घोषणा भी हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीरगांव तेजी से बढ़ता शहरी क्षेत्र है। यहां औद्योगिक गतिविधियों के साथ आबादी भी लगातार बढ़ रही है। इसलिए बुनियादी सुविधाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुसार मजबूत किया जाएगा।
पिछले ढाई वर्षों में बीरगांव नगर निगम क्षेत्र में 160 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य दिए जा चुके हैं। इनमें नगर निगम, लोक निर्माण विभाग और नगरोत्थान योजना के कार्य शामिल हैं।
बीरगांव विकास रोडमैप में बुनियादी सुविधाओं पर जोर
बीरगांव विकास रोडमैप में सड़क, पेयजल और सीवरेज व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई है। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण के लिए 82 करोड़ रुपये की घोषणा हुई है।
ओवरहेड टैंक और पाइपलाइन विस्तार के लिए 10 करोड़ रुपये मिलेंगे। सड़क और नाली निर्माण के लिए पांच करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। सरोरा में खेल मैदान के विकास पर भी पांच करोड़ रुपये खर्च होंगे।
बीरगांव विकास रोडमैप से युवाओं को मिलेंगी नई सुविधाएं
बीरगांव में विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए नालंदा परिसर बनेगा। इसके निर्माण के लिए पांच करोड़ रुपये देने की घोषणा की गई है।
शासकीय महाविद्यालय में ई-लाइब्रेरी भी बनाई जाएगी। इसके लिए 89 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं। इससे विद्यार्थियों के लिए डिजिटल अध्ययन की सुविधा विकसित होगी।
स्टेट कैपिटल रीजन में शामिल हुआ बीरगांव
बीरगांव को स्टेट कैपिटल रीजन में शामिल किया गया है। इसमें रायपुर, दुर्ग-भिलाई और आसपास के क्षेत्र शामिल हैं। इसके तहत पूरे क्षेत्र के विकास का दीर्घकालीन रोडमैप तैयार होगा।
सरकार के अनुसार इससे विभिन्न क्षेत्रों के विकास में समन्वय बढ़ेगा। आधुनिक शहरी अधोसंरचना को भी योजना के तहत विकसित किया जाएगा।
बीरगांव में मॉडल रजिस्ट्री कार्यालय भी बनाया जाएगा। ऑनलाइन रजिस्ट्री और स्वतः नामांतरण जैसी व्यवस्थाओं से भूमि सेवाओं को सरल बनाने की योजना है।
सात क्षेत्रों में आवासीय पट्टों के लिए होगा सर्वे
नगर निगम क्षेत्र के सात इलाकों में सर्वेक्षण कराया जाएगा। सर्वे के बाद पात्र परिवारों को नियमानुसार आवासीय पट्टे दिए जाएंगे।
इसमें रावांभाठा, बंजारी नगर और शक्तिपारा शामिल हैं। मठपारा, शीतलापारा, उरकुरा और मजदूर नगर सरोरा भी सूची में हैं।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य पात्र जरूरतमंद परिवारों को आवासीय सुरक्षा उपलब्ध कराना है। पट्टों का वितरण निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाएगा।
रोशनी और स्वास्थ्य सुविधाओं का भी विस्तार
व्यास तालाब तिराहा से बीरगांव नाला तक स्ट्रीट लाइट लगाई जाएगी। बुधवारी बाजार से नगर निगम कार्यालय तक भी नई प्रकाश व्यवस्था होगी।
रावांभाठा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विद्युतीकरण और मरम्मत कराई जाएगी। इसके लिए 50 लाख रुपये की घोषणा हुई है।
सर्व मांगलिक भवन के लिए एक करोड़ रुपये दिए जाएंगे। बीरगांव में छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल का जोन कार्यालय भी शुरू किया जाएगा।
नगर निगम को मिले दो नए अग्निशमन वाहन
कार्यक्रम के दौरान बीरगांव नगर निगम को दो नए अग्निशमन वाहन सौंपे गए। इससे आपातकालीन सेवाओं की क्षमता बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ने सफाई मित्रों और स्वच्छता दीदियों का सम्मान भी किया। विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ सौंपा गया।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत मुख्यमंत्री ने रुद्राक्ष का पौधा लगाया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
बीरगांव के लिए प्रमुख घोषणाएं
- एसटीपी निर्माण के लिए 82 करोड़ रुपये।
- ओवरहेड टैंक और पाइपलाइन के लिए 10 करोड़ रुपये।
- सड़क और नाली निर्माण के लिए पांच करोड़ रुपये।
- सरोरा खेल मैदान के लिए पांच करोड़ रुपये।
- नालंदा परिसर के लिए पांच करोड़ रुपये।
नागरिक सुविधाओं से जुड़े अन्य कार्य
- मॉडल रजिस्ट्री कार्यालय का निर्माण होगा।
- शासकीय महाविद्यालय में ई-लाइब्रेरी बनेगी।
- प्रमुख मार्गों पर स्ट्रीट लाइट लगाई जाएगी।
- स्वास्थ्य केंद्र में मरम्मत और विद्युतीकरण होगा।
- नगर निगम को दो नए अग्निशमन वाहन मिले हैं।

