पंजाब में मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक हाई-प्रोफाइल मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्यभर में एक साथ कई जगहों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई पूर्व DIG हरचरण सिंह भुल्लर और उनके कथित सहयोगियों के खिलाफ चल रही जांच का हिस्सा है।
ED की टीमों ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत चंडीगढ़, लुधियाना, पटियाला, नाभा और जालंधर सहित कुल 11 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। इन छापों में उन परिसरों को भी शामिल किया गया है, जो आरोपियों, उनके करीबी सहयोगियों और संदिग्ध बेनामी संपत्ति धारकों से जुड़े बताए जा रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों का पता लगाना, संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की कड़ियों को जोड़ना और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े ठोस सबूत इकट्ठा करना है। ED इस दौरान दस्तावेजों, बैंकिंग ट्रांजेक्शन और डिजिटल डेटा की गहन जांच कर रही है।
यह पूरा मामला CBI की चंडीगढ़ यूनिट द्वारा दर्ज मूल अपराधों पर आधारित है। जांच में सामने आया है कि एक आपराधिक केस को प्रभावित करने के लिए बिचौलिए के जरिए कथित तौर पर रिश्वत मांगी गई थी। साथ ही, आरोपी के पास आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति होने के संकेत भी मिले हैं।
पूर्व DIG हरचरण सिंह भुल्लर, जो रोपड़ रेंज में अहम पद पर रह चुके हैं, को CBI ने अक्टूबर 2025 में एक कबाड़ कारोबारी से कथित रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया था। अब ED की इस व्यापक कार्रवाई से मामले में और बड़े खुलासों की उम्मीद जताई जा रही है।

