अमन सेहरावत का रूस ट्रेनिंग प्लान रुका, चीफ कोच बोले- टीम से अलग तैयारी देना गलत संदेश
भारतीय कुश्ती में अब व्यक्तिगत स्टार सिस्टम की जगह टीम भावना को प्राथमिकता दी जा रही है। पेरिस ओलंपिक में देश के लिए पदक जीत चुके युवा पहलवान अमन सेहरावत को रूस में अकेले ट्रेनिंग करने की अनुमति नहीं मिली है। पुरुष फ्रीस्टाइल टीम के चीफ कोच विनोद कुमार ने इस प्रस्ताव पर वीटो लगाते हुए साफ कहा कि राष्ट्रीय कैंप से अलग होकर व्यक्तिगत तैयारी करने से बाकी खिलाड़ियों के बीच गलत संदेश जाएगा।
दरअसल, अमन सेहरावत टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) के तहत रूस के मखाचकला स्थित प्रतिष्ठित ट्रेनिंग सेंटर में अभ्यास करना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने भारतीय कुश्ती महासंघ और टॉप्स में प्रस्ताव भी भेजा था। लेकिन जब इस योजना की जानकारी चीफ कोच को मिली, तो उन्होंने इस पर आपत्ति दर्ज कराई।
फिलहाल लखनऊ स्थित साई सेंटर में एशियाई खेलों की तैयारियों के लिए राष्ट्रीय कैंप जारी है, जिसमें फ्रीस्टाइल और ग्रीको रोमन दोनों वर्गों के पहलवान हिस्सा ले रहे हैं। कोच विनोद कुमार का मानना है कि ऐसे समय में किसी एक खिलाड़ी का अलग विदेश जाकर तैयारी करना टीम के अनुशासन और सामूहिक माहौल को प्रभावित कर सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, कोच ने अमन और महासंघ दोनों से चर्चा कर सुझाव दिया कि यदि जरूरत हो तो पूरी टीम या एशियाई खेलों के संभावित खिलाड़ियों के लिए रूस में संयुक्त प्रशिक्षण शिविर लगाया जाए। उनका मानना है कि सामूहिक तैयारी से खिलाड़ियों में बेहतर तालमेल और टीम भावना विकसित होती है।
अभी अमन सेहरावत लखनऊ कैंप में ही अभ्यास कर रहे हैं। हालांकि, यह मामला भारतीय कुश्ती में बदलती सोच और ‘स्टार कल्चर’ खत्म करने की दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है। आने वाले समय में टीम आधारित तैयारी मॉडल भारतीय कुश्ती का नया ढांचा बन सकता है।

