रायपुर स्थित Salem School Raipur इन दिनों धर्मांतरण विवाद को लेकर लगातार चर्चा में बना हुआ है। स्कूल प्रबंधन और कुछ संगठनों के बीच चल रहे आरोप-प्रत्यारोप ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। इसी बीच छत्तीसगढ़ डायसिस ऑफ बोर्ड एजुकेशन के वाइस प्रेसिडेंट नितिन लॉरेंस ने पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने कहा कि Salem School Raipur को राजनीति का मंच नहीं बनने दिया जाएगा। बच्चों की शिक्षा और भविष्य सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं और किसी भी स्थिति में पढ़ाई का माहौल खराब नहीं होने दिया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने बताया कि संबंधित शिक्षकों को लंबे समय से ड्यूटी ज्वाइन करने और अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिए जा रहे थे।
धर्मांतरण के आरोपों को बताया निराधार
चल रहे Salem School Raipur विवाद पर नितिन लॉरेंस ने कहा कि स्कूल में किसी भी प्रकार का धर्मांतरण नहीं कराया जा रहा है। संस्था में सभी धर्मों के छात्र और शिक्षक मौजूद हैं और सभी को समान सम्मान दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को प्रबंधन के फैसले से समस्या है तो वह कानूनी प्रक्रिया का सहारा ले सकता है। हालांकि छात्रों की पढ़ाई के दौरान आंदोलन और प्रदर्शन करना उचित नहीं है।
प्रदर्शन कर रहे लोगों पर उठाए सवाल
नितिन लॉरेंस ने आरोप लगाया कि Salem School Raipur मामले में कुछ लोग जांच से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। उनके मुताबिक कुछ शिक्षक लंबे समय से स्कूल नहीं आ रहे थे और अब धरना-प्रदर्शन के जरिए माहौल खराब किया जा रहा है।
इसके अलावा उन्होंने बजरंग दल के प्रदर्शन पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि पुलिस दोनों पक्षों पर कार्रवाई कर चुकी है और कानून अपना काम कर रहा है। ऐसे में शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित करना गलत है।
रूपिका लॉरेंस ने भी दी प्रतिक्रिया
दूसरी ओर Salem School Raipur की प्रभारी प्राचार्य रूपिका लॉरेंस ने भी आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि वह नवंबर 2023 से संस्था में कार्यरत हैं और पहले कभी इस तरह के आरोप सामने नहीं आए।
उन्होंने कहा कि नई गवर्निंग बॉडी बनने के बाद कुछ लोग जानबूझकर विवाद को बढ़ावा दे रहे हैं। साथ ही कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

