सुकमा पुनर्वास केंद्र में 113 युवाओं को शिक्षा, कौशल, डिजिटल सुविधाओं से मिल रही नई दिशा

CG DARSHAN
CG DARSHAN 2 Min Read
2 Min Read
Advertisement Carousel

सुकमा पुनर्वास केंद्र में आत्मसमर्पित युवाओं के पुनर्वास का कार्य जारी है। इसके अलावा उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। कुल 113 युवा इस पहल से जुड़े हुए हैं। इसलिए केंद्र परिवर्तन की नई मिसाल बनकर उभरा है।

अनुशासित जीवनशैली और शिक्षा पर जोर

केंद्र में युवाओं के लिए नियमित दिनचर्या निर्धारित की गई है। साथ ही शिक्षा और बौद्धिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विशेष शिक्षक उन्हें बुनियादी विषयों का प्रशिक्षण दे रहे हैं। दरअसल सुकमा पुनर्वास केंद्र समग्र विकास की अवधारणा पर कार्य कर रहा है।

दस्तावेज और कौशल प्रशिक्षण की सुविधा

प्रशासन युवाओं के लिए आवश्यक दस्तावेज तैयार कर रहा है। इसके अलावा उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं। नतीजतन रोजगार और आत्मनिर्भरता की संभावनाएं बढ़ रही हैं।

खेल गतिविधियों से बढ़ रहा आत्मविश्वास

युवाओं ने वॉलीबॉल प्रतियोगिताओं में सक्रिय भागीदारी की है। वहीं खेल गतिविधियां पुनर्वास प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हैं। खेलों से अनुशासन और टीम भावना विकसित हो रही है। इसलिए युवाओं का आत्मविश्वास लगातार बढ़ रहा है।

डिजिटल सशक्तिकरण से मिल रही नई पहचान

सुकमा पुनर्वास केंद्र में युवाओं को 5G स्मार्टफोन उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा उन्हें डिजिटल जानकारी तक पहुंच प्राप्त हुई है। अब युवा देश और दुनिया की गतिविधियों से जुड़ रहे हैं। कुल मिलाकर यह मॉडल पुनर्वास और विकास के संतुलित दृष्टिकोण को प्रदर्शित करता है।

Share This Article
Leave a comment