चंदखुरी स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी में 33 अधिकारियों के पुलिस प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा केवल एक पेशा नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पण का माध्यम है।
नैतिकता को बताया सबसे बड़ी शक्ति
अपने संबोधन में विजय शर्मा ने कहा कि पुलिस प्रशिक्षण का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य केवल कानून की जानकारी देना नहीं बल्कि नैतिक मूल्यों को मजबूत करना भी है। उन्होंने कहा कि नैतिकता से बड़ा कोई बल नहीं होता और पुलिस अधिकारी को हर परिस्थिति में निष्पक्षता और ईमानदारी बनाए रखनी चाहिए। यही गुण जनता का विश्वास अर्जित करने में सहायक होते हैं।
आधुनिक पुलिसिंग की जरूरत पर जोर
आज के बदलते दौर में पुलिस प्रशिक्षण में साइबर अपराध, डिजिटल जांच और तकनीकी दक्षता जैसे विषयों को शामिल किया जा रहा है। गृह मंत्री ने कहा कि पुलिस अधिकारियों को नई चुनौतियों से निपटने के लिए तकनीकी रूप से सक्षम बनाना आवश्यक है। इसके साथ ही सामुदायिक पुलिसिंग और नागरिक सहभागिता पर भी विशेष बल दिया गया।
राष्ट्र सेवा और समाज सेवा का अवसर
पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने कहा कि पुलिस प्रशिक्षण के बाद अधिकारी केवल प्रशासनिक जिम्मेदारियां नहीं निभाएंगे, बल्कि राष्ट्र और समाज की सेवा का महत्वपूर्ण दायित्व भी संभालेंगे। उन्होंने अधिकारियों से अनुशासन, समर्पण और ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करने की अपील की।
वृक्षारोपण के साथ दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम के अंत में पुलिस प्रशिक्षण सत्र से जुड़े अधिकारियों और प्रशिक्षुओं ने 100 पौधों का वृक्षारोपण किया। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी नीम का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस पहल ने कार्यक्रम को सामाजिक सरोकारों से जोड़ते हुए एक सकारात्मक संदेश दिया।

