नई दिल्ली में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर राज्य की प्रमुख विकास योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में बस्तर विकास को प्राथमिकता देते हुए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार से सहयोग मांगा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा और विश्वास के माहौल ने बस्तर को नई दिशा दी है। अब इस बदलाव को स्थायी विकास में बदलने का लक्ष्य रखा गया है।
यूरिया परियोजना और बिजली कनेक्टिविटी पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने राजनांदगांव में प्रस्तावित 10,500 करोड़ रुपये की गैस आधारित यूरिया परियोजना को जल्द मंजूरी देने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए भूमि और आवश्यक स्वीकृतियां पूरी हो चुकी हैं। इसके अलावा बस्तर सहित 461 गांवों को स्थायी विद्युत ग्रिड से जोड़ने के लिए भी केंद्र से विशेष सहायता मांगी गई। इससे कृषि, उद्योग और ग्रामीण जीवन को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
मुख्य बातें
- प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के बीच विकास परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
- राजनांदगांव की यूरिया परियोजना को शीघ्र मंजूरी देने का अनुरोध किया गया।
- 461 गांवों को स्थायी बिजली ग्रिड से जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया।
- आयुर्वेद संस्थान और नई अधोसंरचना परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई।
- बस्तर में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।
बस्तर विकास के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य पर बड़ा निवेश
बस्तर विकास की रणनीति में शिक्षा और स्वास्थ्य को प्रमुख स्थान दिया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बंद पड़े 421 स्कूल दोबारा संचालित किए गए हैं। ओरछा और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी विकसित करने की योजना पर भी तेजी से काम चल रहा है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत लाखों लोगों की जांच की जा चुकी है। जगदलपुर और गीदम में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार भी लगातार जारी है।
बस्तर विकास से बढ़ेंगे रोजगार और निवेश के अवसर
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि नई औद्योगिक नीति के बाद राज्य को लगभग आठ लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। बस्तर विकास के तहत सड़क, रेल, बिजली और हवाई संपर्क का विस्तार किया जा रहा है। इससे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।
उन्होंने यह भी बताया कि पर्यटन, कृषि, खेल और जनजातीय संस्कृति को विकास मॉडल का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जा रहा है।
बस्तर में कनेक्टिविटी और पर्यटन को मिलेगी नई पहचान
बैठक में जगदलपुर-रावघाट रेल परियोजना, रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे और इंद्रावती बैराज परियोजना की प्रगति पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से सिंचाई, परिवहन और व्यापार को नई गति मिलेगी।
इसके साथ ही बस्तर दशहरा, चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
एक नजर में
- प्रधानमंत्री से विकास परियोजनाओं पर चर्चा
- ₹10,500 करोड़ की यूरिया परियोजना पर सहयोग का अनुरोध
- 461 गांवों के लिए स्थायी बिजली ग्रिड की मांग
- 5,542 गांवों तक योजनाओं का विस्तार
- निवेश, पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

