कृषि कार्यशाला में महिला समूहों को सहायता, किसानों को बीज और सिंचाई किट

CG DARSHAN
CG DARSHAN 2 Min Read
2 Min Read
Advertisement Carousel

बलरामपुर जिले के कृषि विज्ञान केंद्र जाबर में आयोजित कृषि कार्यशाला किसानों और हितग्राहियों के लिए ज्ञान एवं योजनाओं का महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरी। विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से किसानों को आधुनिक खेती, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, महिला समूह और अन्य हितग्राही शामिल हुए।

आधुनिक कृषि तकनीकों की मिली जानकारी

इस कृषि कार्यशाला में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को जैविक खाद, जीवामृत, प्राकृतिक कीट प्रबंधन और फसल विविधीकरण जैसे विषयों पर मार्गदर्शन दिया। किसानों को एकीकृत कृषि प्रणाली अपनाने और खेती की लागत कम कर आय बढ़ाने के उपाय बताए गए। इससे किसानों को नई तकनीकों को समझने और अपनाने का अवसर मिला।

प्रदर्शनी में दिखे नवाचार और संरक्षण मॉडल

कृषि कार्यशाला के दौरान जल संरक्षण, नील-हरित शैवाल और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर आधारित मॉडल प्रस्तुत किए गए। इन प्रदर्शनों ने किसानों को प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और पर्यावरण-अनुकूल खेती के महत्व से परिचित कराया। विशेष रूप से वर्षा जल संचयन मॉडल को किसानों ने काफी सराहा।

महिला समूहों और किसानों को मिली सहायता

कार्यक्रम में कृषि कार्यशाला के तहत तीन महिला स्व-सहायता समूहों को छह-छह लाख रुपये के बैंक लिंकेज चेक प्रदान किए गए। इसके अलावा किसानों को मूंग बीज मिनीकिट, ड्रिप सिंचाई किट और जैविक खाद वितरित की गई। मछुआरों को जाल और आइस बॉक्स उपलब्ध कराए गए, जिससे आजीविका के अवसर मजबूत होंगे।

योजनाओं का लाभ पहुंचाने में सफल रहा आयोजन

कृषि कार्यशाला ने किसानों और ग्रामीण हितग्राहियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से सीधे जोड़ने का कार्य किया। आयुष्मान कार्ड, पीएम स्वनिधि सहायता और स्वच्छ भारत मिशन से जुड़ी सामग्रियों का वितरण भी किया गया। इस आयोजन ने कृषि विकास, आजीविका संवर्धन और सामाजिक कल्याण को एक साथ आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

Share This Article
Leave a comment