यात्री बसों में ट्रैकिंग सिस्टम अनिवार्य, सरकार सख्त

CG DARSHAN
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छत्तीसगढ़ सरकार ने सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए बस ट्रैकिंग प्रणाली को अनिवार्य कर दिया है। परिवहन विभाग के अनुसार अब सभी यात्री बसों में वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाना और उसे सक्रिय रखना जरूरी होगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के साथ परिवहन व्यवस्था की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाना है।

निर्धारित समय में करना होगा पालन

बस संचालकों को बस ट्रैकिंग प्रणाली लागू करने के लिए 15 दिनों की मोहलत दी गई है। जिन वाहनों में यह उपकरण नहीं लगा है, उन्हें तुरंत स्थापित करना होगा। पहले से लगे उपकरण यदि बंद हैं तो उन्हें चालू करना अनिवार्य होगा। समय सीमा पूरी होने के बाद नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कंट्रोल सेंटर करेगा निगरानी

नई बस ट्रैकिंग व्यवस्था के तहत राज्य मुख्यालय के कमांड एवं कंट्रोल सेंटर से सभी बसों की गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगी। अधिकारी यह देख सकेंगे कि बसें निर्धारित मार्ग और समय के अनुसार संचालित हो रही हैं या नहीं। यात्रियों को भी संगवारी ऐप के जरिए अपनी बस की लाइव स्थिति की जानकारी उपलब्ध होगी।

दुर्घटनाओं की रोकथाम में मिलेगी मदद

उपग्रह आधारित बस ट्रैकिंग तकनीक किसी भी आपात स्थिति में वाहन की सटीक लोकेशन उपलब्ध कराती है। इससे दुर्घटनाओं या अन्य संकट की स्थिति में राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किए जा सकेंगे। विभाग का मानना है कि यह प्रणाली सड़क सुरक्षा को नई मजबूती प्रदान करेगी।

नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई तय

परिवहन विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि 15 दिन की समय सीमा समाप्त होने के बाद बिना बस ट्रैकिंग सिस्टम वाली यात्री बसों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी। साथ ही राज्यभर में आधुनिक यातायात निगरानी प्रणाली लागू कर नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

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