रामानुजनगर के सामुदायिक भवन में आयोजित श्रमिक कल्याण कार्यक्रम का उद्देश्य श्रमिकों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना और उन्हें उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देना था। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए 120 से अधिक श्रमिकों ने भाग लिया। अधिकारियों ने बताया कि शासन का प्रयास है कि दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों तक भी योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचे।
योजनाओं की जानकारी और पंजीयन पर जोर
कार्यक्रम के दौरान श्रमिक कल्याण योजनाओं के अंतर्गत श्रम पंजीयन की प्रक्रिया, पात्रता और इससे मिलने वाले लाभों की जानकारी विस्तार से दी गई। पात्र हितग्राहियों को श्रम पंजीयन कार्ड वितरित किए गए। अधिकारियों ने श्रमिकों से अधिक से अधिक संख्या में पंजीयन कराने और अन्य श्रमिकों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की।
सहायता राशि के डेमो चेक किए गए वितरित
श्रमिक कल्याण कार्यक्रम के दौरान विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को सांकेतिक डेमो चेक सौंपे गए। मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत 4.80 लाख रुपये और मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के तहत 1 लाख रुपये की सहायता राशि के डेमो चेक वितरित किए गए। इससे श्रमिकों को योजनाओं की उपयोगिता समझने का अवसर मिला।
आवेदन से लेकर लाभ तक पूरी जानकारी
अधिकारियों ने श्रमिक कल्याण योजनाओं के आवेदन की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और लाभ प्राप्त करने के सभी चरणों को सरल भाषा में समझाया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल जानकारी देना ही नहीं बल्कि पात्र श्रमिकों को योजनाओं से जोड़ना भी था, ताकि उन्हें समय पर सरकारी सहायता मिल सके।
योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल
कार्यक्रम में अधिकारियों ने कहा कि श्रमिक कल्याण योजनाओं का लाभ हर पात्र श्रमिक तक पहुंचाना शासन की प्राथमिकता है। ऐसे जनसंवाद कार्यक्रमों से श्रमिकों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होता है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों और बड़ी संख्या में श्रमिकों की उपस्थिति रही।

