धमतरी में नया आदिवासी आवासीय स्कूल बनेगा, मुफ्त शिक्षा से बदलेंगे हजारों बच्चों के भविष्य

CG DARSHAN
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धमतरी जिले में जनजातीय विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से राज्य शासन ने नए आदिवासी आवासीय स्कूल की स्थापना को मंजूरी दी है। यह संस्थान दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों के उन छात्र-छात्राओं के लिए नई उम्मीद लेकर आएगा, जिन्हें अब तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के सीमित अवसर मिलते थे। आधुनिक सुविधाओं से लैस यह विद्यालय शिक्षा के साथ व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष ध्यान देगा। शासन की इस पहल को जिले की शिक्षा व्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।

मुफ्त शिक्षा के साथ मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

नए आदिवासी आवासीय स्कूल में विद्यार्थियों को पूरी तरह निःशुल्क आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। परिसर में डिजिटल क्लासरूम, विज्ञान एवं कंप्यूटर लैब, समृद्ध पुस्तकालय, खेल मैदान और अन्य आधुनिक संसाधन विकसित किए जाएंगे। छात्रों को छात्रावास, पौष्टिक भोजन, गणवेश, अध्ययन सामग्री और स्वास्थ्य सुविधाएं भी निशुल्क मिलेंगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को बिना किसी वित्तीय बाधा के उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा और उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।

प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर निर्माण पर रहेगा विशेष जोर

यह आदिवासी आवासीय स्कूल केवल नियमित पढ़ाई तक सीमित नहीं रहेगा। यहां विद्यार्थियों को NEET, JEE, CLAT सहित अन्य राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। अनुभवी शिक्षकों की देखरेख में करियर काउंसिलिंग, व्यक्तित्व विकास, संचार कौशल और नेतृत्व क्षमता विकसित करने वाले कार्यक्रम भी संचालित होंगे। खेल, कला और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से छात्रों के सर्वांगीण विकास को भी प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।

जिले के विकास और रोजगार को मिलेगा नया आधार

नए आदिवासी आवासीय स्कूल की स्थापना से शिक्षा के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। विद्यालय के संचालन के लिए शिक्षकों, प्रशासनिक कर्मचारियों, छात्रावास प्रबंधन, सुरक्षा कर्मियों और अन्य सहयोगी सेवाओं में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलने के साथ क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। शिक्षा और रोजगार का यह मॉडल जिले के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाला साबित हो सकता है।

निर्धारित समय में निर्माण पूरा करने पर प्रशासन का जोर

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने अधिकारियों को नए आदिवासी आवासीय स्कूल के लिए भूमि चयन और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह संस्थान जनजातीय विद्यार्थियों को महानगरों के समान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतिस्पर्धी वातावरण उपलब्ध कराएगा। जिले के जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और आदिवासी समाज ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि यह विद्यालय आने वाले वर्षों में हजारों विद्यार्थियों के भविष्य को नई दिशा देगा।

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