रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विभाजन विभीषिका दिवस केवल इतिहास को याद करने का अवसर नहीं है। यह भविष्य के लिए महत्वपूर्ण सीख लेने का भी दिन है। उन्होंने कहा कि देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव को बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1947 का विभाजन केवल सीमाओं का बंटवारा नहीं था। लाखों परिवारों ने अपना घर, अपनों और जीवन की सुरक्षा खो दी। इसलिए नई पीढ़ी को उस दौर की वास्तविकता से परिचित कराना आवश्यक है।
मुख्य बातें
- रायपुर में राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन हुआ।
- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम को संबोधित किया।
- विभाजन पीड़ित परिवारों को श्रद्धांजलि दी गई।
- संचालनालय पुरातत्व से अंबेडकर चौक तक मौन जुलूस निकाला गया।
- समाज में एकता और भाईचारे का संदेश दिया गया।
विभाजन विभीषिका दिवस से नई पीढ़ी को जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाजन विभीषिका दिवस का उद्देश्य केवल अतीत को याद करना नहीं है। इसके माध्यम से युवाओं को इतिहास की कठिन परिस्थितियों और उनसे मिली सीख से अवगत कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इतिहास का स्मरण भविष्य में ऐसी त्रासदियों की पुनरावृत्ति रोकने में मदद करता है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर 14 अगस्त को यह दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य विभाजन का दंश झेलने वाले परिवारों के संघर्ष और बलिदान को सम्मान देना है।
राष्ट्र निर्माण में विस्थापित परिवारों का योगदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि विस्थापित परिवारों ने कठिन परिस्थितियों में नया जीवन शुरू किया। उन्होंने अपने परिश्रम और साहस से समाज तथा देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका संघर्ष आज भी प्रेरणा का स्रोत है। विभाजन विभीषिका दिवस हमें उनके त्याग को सम्मान देने का अवसर प्रदान करता है।
समारोह के मुख्य वक्ता पद्मश्री डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने कहा कि संगठित समाज ही मजबूत राष्ट्र की नींव बनता है। उन्होंने सभी नागरिकों से भारत की एकता और अखंडता की रक्षा का संकल्प लेने का आह्वान किया।
मौन जुलूस में उमड़ा जनसैलाब
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संचालनालय पुरातत्व से अंबेडकर चौक तक आयोजित मौन जुलूस में भाग लिया। जुलूस के माध्यम से विभाजन की त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी गई। साथ ही विस्थापित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भी सहभागिता निभाई।
एक नजर में
- 14 अगस्त को राज्य स्तरीय समारोह आयोजित हुआ।
- मुख्यमंत्री ने इतिहास से सीख लेने का संदेश दिया।
- विभाजन पीड़ित परिवारों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
- डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने राष्ट्रीय एकता पर जोर दिया।
- बड़ी संख्या में नागरिक और विद्यार्थी मौन जुलूस में शामिल हुए।


