रायपुर में कैंसर उपचार की सुविधाओं को विस्तार देने की दिशा में नई पहल हुई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 16 अगस्त को अत्याधुनिक कैंसर इकाई का शुभारंभ किया। यह इकाई पचपेड़ी नाका स्थित रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल परिसर में शुरू हुई है।
मुख्यमंत्री ने नई इकाई में उपलब्ध उपचार सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने आधुनिक मशीनरी और चिकित्सा व्यवस्था की जानकारी भी ली। इसके बाद उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों को शुभकामनाएं दीं।
मुख्य बातें
- रायपुर में अत्याधुनिक कैंसर उपचार इकाई शुरू हुई।
- मरीजों को जांच और उपचार की सुविधाएं एक परिसर में मिलेंगी।
- आधुनिक मशीनरी से कैंसर उपचार की क्षमता बढ़ेगी।
- विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के विस्तार पर जोर दिया गया।
- छत्तीसगढ़ में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 15 तक पहुंची।
नई कैंसर यूनिट से मरीजों को क्या फायदा होगा?
नई कैंसर यूनिट शुरू होने से प्रदेश में उपचार के विकल्प बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संस्थान बड़ी संख्या में मरीजों के लिए उपयोगी होगा।
कैंसर मरीजों को जांच और उपचार के लिए दूसरे शहरों पर निर्भरता कम हो सकती है। एक ही परिसर में आवश्यक सेवाएं मिलने से उपचार प्रक्रिया भी आसान होगी।
इसके अलावा, निजी क्षेत्र की ऐसी पहल से स्वास्थ्य व्यवस्था का दायरा बढ़ता है। इससे प्रदेश में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
नई कैंसर यूनिट में आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं
नई कैंसर यूनिट में अत्याधुनिक मशीनरी उपलब्ध कराई गई है। मुख्यमंत्री ने संस्थान का निरीक्षण करते हुए सुविधाओं की जानकारी ली।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, कैंसर उपचार से जुड़ी जरूरी सेवाओं को एक परिसर में उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को सुविधा मिलने की उम्मीद है।
कैंसर स्क्रीनिंग को लेकर जागरूकता जरूरी
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कैंसर की शुरुआती पहचान पर जोर दिया। उन्होंने नियमित स्क्रीनिंग को आवश्यक बताया।
उन्होंने कहा कि बीमारी की समय पर पहचान होने से उपचार की संभावनाएं बेहतर हो सकती हैं। इसलिए लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच के प्रति जागरूक होना चाहिए।
उन्होंने कैंसर को केवल मरीज की समस्या नहीं माना। उनके अनुसार, इसका प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है। ऐसे में समय पर जांच और उचित उपचार महत्वपूर्ण है।
स्वास्थ्य सेवाओं का प्रदेशभर में विस्तार
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य क्षेत्र की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य गठन के समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था।
अब मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। साथ ही, सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का भी विस्तार किया गया है।
सुपर स्पेशलिटी सेवाओं से बढ़ी उपचार क्षमता
बस्तर में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की सुविधा शुरू हो चुकी है। इससे गंभीर मरीजों को रायपुर ले जाने की जरूरत कम हुई है।
जगदलपुर में हृदय संबंधी जटिल सर्जरी की सुविधा भी उपलब्ध है। वहीं, बिलासपुर में भी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल शुरू हो चुका है।
इसके अलावा, प्रदेश में दो नए सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों पर काम जारी है। इससे गंभीर रोगों के उपचार की क्षमता आगे बढ़ने की उम्मीद है।
निजी क्षेत्र की पहल से स्वास्थ्य व्यवस्था को बल
मुख्यमंत्री ने निजी क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी पहल से प्रदेश में आधुनिक उपचार सुविधाओं का विस्तार होगा।
सरकार का उद्देश्य प्रदेशवासियों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं अपने राज्य में उपलब्ध कराना है। इससे गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता घट सकती है।
एक नजर में
- स्थान: पचपेड़ी नाका, रायपुर
- सुविधा: अत्याधुनिक कैंसर उपचार
- शुभारंभ: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
- मेडिकल कॉलेज: 15
- अन्य विस्तार: सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाएं
कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल और विधायक मोतीलाल साहू मौजूद रहे। चिकित्सकों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
इसके अलावा, बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे। संस्थान की शुरुआत को प्रदेश में कैंसर उपचार के विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है।


