मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की समीक्षा की। बैठक में एआई विकास को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। साथ ही डिजिटल परियोजनाओं की प्रगति भी परखी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई तकनीक से शासन मजबूत होगा। नागरिकों को तेज और पारदर्शी सेवाएं मिलेंगी।
एक नजर में
- एआई आधारित विकास को मिलेगा बढ़ावा
- युवाओं के लिए नए प्रशिक्षण कार्यक्रम
- स्टार्टअप इकोसिस्टम होगा मजबूत
- भारतनेट फेज-3 की समीक्षा
- मोबाइल नेटवर्क विस्तार पर जोर
- सेवा सेतु पोर्टल को मिलेगा विस्तार
एआई विकास से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को भविष्य की तकनीक सिखाई जाएगी। इसलिए स्कूलों और कॉलेजों में नए कार्यक्रम शुरू होंगे।
स्कूलों में एआई जागरूकता अभियान चलेंगे। कॉलेजों में सर्टिफिकेशन कोर्स शुरू होंगे। आईटीआई में एआई लैब भी बनाई जाएंगी।
स्टार्टअप को मिलेगा नया समर्थन
सरकार डेटा लैब्स और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करेगी। इसके अलावा अनुसंधान परियोजनाओं को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
स्टार्टअप को सीड फंडिंग दी जाएगी। उद्योगों और शिक्षण संस्थानों का सहयोग भी बढ़ाया जाएगा।
मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट पर सरकार का फोकस
दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क मजबूत किया जाएगा। पिछले ढाई वर्षों में लगभग एक हजार टावर लगाए गए हैं।
इसके अलावा 577 नए टावरों को मंजूरी मिल चुकी है। शेष कार्य भी जल्द पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
डिजिटल सेवाएं होंगी और आसान
एआई विकास के साथ डिजिटल सेवाओं का दायरा भी बढ़ेगा।
भारतनेट फेज-3 के तहत 4,114 ग्राम पंचायतों को आधुनिक नेटवर्क मिलेगा। वहीं सेवा सेतु पोर्टल पर 520 सरकारी सेवाएं उपलब्ध हैं।
इसके अलावा क्यूआर सत्यापन, डिजिलॉकर और आधार प्रमाणीकरण जैसी सुविधाएं भी दी जा रही हैं।
निवेश को मिलेगी नई गति
नवा रायपुर में कई नई तकनीकी परियोजनाएं विकसित होंगी। इनमें एआई सेंटर, डेटा लैब्स और सुरक्षा संचालन केंद्र शामिल हैं।
इन परियोजनाओं से आईटी क्षेत्र को मजबूती मिलेगी। साथ ही युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर बनेंगे।

