गेहूं उत्पादन: जशपुर किसान की सफलता, रबी खेती से बढ़ी आय लगातार

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गेहूं उत्पादन के जरिए छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के किसान कीना राम ने अपनी खेती को अधिक लाभकारी बना दिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में कृषि विभाग किसानों को खरीफ के साथ रबी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। इसका सकारात्मक असर अब ग्रामीण क्षेत्रों में दिखाई देने लगा है।

मनोरा विकासखंड के ग्राम सोगड़ा निवासी किसान कीना राम ने सीमित भूमि में रबी सीजन की खेती शुरू कर न केवल अपनी आय बढ़ाई, बल्कि खेती का बेहतर मॉडल भी पेश किया।

मुख्य बातें

  • जशपुर के किसान कीना राम ने रबी में गेहूं की खेती शुरू की।
  • गेहूं उत्पादन बढ़ाने के लिए कृषि विभाग ने तकनीकी मार्गदर्शन दिया।
  • एनएफएसएम योजना के तहत अनुदान पर उन्नत बीज उपलब्ध कराया गया।
  • धान के बाद खाली रहने वाली भूमि का बेहतर उपयोग हुआ।
  • अतिरिक्त फसल बेचकर किसान की आय में अच्छी बढ़ोतरी हुई।

सरकारी योजना से मिला खेती का नया अवसर

किसान कीना राम ने बताया कि ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी की सलाह पर उन्होंने रबी सीजन में गेहूं की खेती शुरू की। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (एनएफएसएम) के तहत उन्हें उन्नत किस्म का बीज अनुदान पर मिला।

बेहतर बीज और वैज्ञानिक तरीके अपनाने से गेहूं उत्पादन में अच्छी बढ़ोतरी हुई। खेत की तैयारी, गोबर की खाद, समय पर सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण से फसल स्वस्थ रही और रोगों का असर भी कम रहा।

खाली खेत बना अतिरिक्त आय का स्रोत

पहले किसान केवल खरीफ में धान की खेती करते थे। रबी सीजन में खेत खाली रहने के कारण उन्हें बाजार से गेहूं खरीदना पड़ता था।

अब गेहूं उत्पादन शुरू होने के बाद परिवार की जरूरत का अनाज घर में ही उपलब्ध हो रहा है। अतिरिक्त उपज बेचकर उन्हें अतिरिक्त आय भी मिल रही है। इससे खेती पहले की तुलना में अधिक लाभदायक बन गई है।

कम लागत में बेहतर मुनाफा

कीना राम का कहना है कि धान के बाद गेहूं लगाने से खेत पूरे साल उपयोग में रहता है। उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल होता है और खेती की लागत भी नियंत्रित रहती है।

गेहूं उत्पादन बढ़ने से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। साथ ही खेती से मिलने वाला लाभ भी पहले की अपेक्षा अधिक हो गया है।

अन्य किसानों को भी दी नई सीख

किसान कीना राम ने दूसरे किसानों से भी खरीफ के साथ रबी सीजन में गेहूं, दलहन और तिलहन की खेती अपनाने की अपील की है। उनका कहना है कि इससे कम समय में बेहतर आय प्राप्त की जा सकती है।

उन्होंने कृषि विभाग और छत्तीसगढ़ शासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सही मार्गदर्शन और योजनाओं का लाभ लेकर छोटे किसान भी आत्मनिर्भर बन सकते हैं।

कृषि विभाग की पहल से बढ़ रहा भरोसा

राज्य सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य के साथ लगातार कृषि योजनाओं को जमीन पर उतार रही है। आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज और कृषि विशेषज्ञों की सलाह से अब अधिक किसान गेहूं उत्पादन की ओर बढ़ रहे हैं।

इससे खेती में विविधता आ रही है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।

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