मणिपुर तनाव: कांगपोकपी घटना के बाद एनएच-37 बंद, जांच की मांग तेज

CG DARSHAN
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मणिपुर में एक बार फिर मणिपुर तनाव गहरा गया है। कांगपोकपी जिले के थिंगखोंगजांग गांव में हुए कथित सशस्त्र हमले में एक महिला और एक बच्चा घायल हो गए। घटना के बाद कुकी संगठनों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-37 (एनएच-37) पर 24 घंटे के बंद का आह्वान किया है। साथ ही न्यायिक जांच, दोषियों की गिरफ्तारी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की गई है।

हालांकि घटना को लेकर राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में पूरे मामले की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

चर्च में प्रार्थना के दौरान हमले का दावा

स्थानीय लोगों के अनुसार रविवार शाम गांव के अधिकांश लोग चर्च में प्रार्थना कर रहे थे। इसी दौरान हथियारबंद हमलावरों ने गांव पर गोलीबारी की और विस्फोटक फेंके। कुछ घरों में आग लगाने का भी दावा किया गया है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

हमले में घायल महिला के पैर में गोली लगने की बात सामने आई है। वहीं एक बच्चा भी घायल हुआ। दोनों को पहले असम राइफल्स के न्यू कैथेलमणबी शिविर में प्राथमिक उपचार दिया गया। बाद में उन्हें इम्फाल स्थित रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (आरआईएमएस) भेजा गया। इस घटना के बाद मणिपुर तनाव और बढ़ गया है।

मुख्य अपडेट

  • कांगपोकपी जिले के कुकी गांव में कथित हमला।
  • महिला और एक बच्चा घायल।
  • चर्च में प्रार्थना के दौरान गोलीबारी का आरोप।
  • घायलों को आरआईएमएस अस्पताल रेफर किया गया।
  • कई घरों में आग लगाने का दावा।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

घटना के बाद कुकी इनपी मणिपुर (केआईएम) ने हमले की निंदा करते हुए इसे आम नागरिकों पर सुनियोजित हमला बताया। संगठन का आरोप है कि भारी हथियारों से लैस हमलावर गांव में पहुंचे, जबकि पास में सीआरपीएफ का शिविर मौजूद था।

संगठन ने यह भी दावा किया कि पीड़ितों की मदद के लिए पहुंचे कुछ ग्रामीणों को गांव में प्रवेश करने से रोका गया। हालांकि इन आरोपों पर सुरक्षा एजेंसियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। मणिपुर तनाव के बीच सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

कुकी संगठनों की प्रमुख मांगें

कुकी संगठनों ने सरकार से कई मांगें रखी हैं।

  • पूरे मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच।
  • दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी।
  • सुरक्षा चूक की जवाबदेही तय हो।
  • प्रभावित परिवारों को राहत दी जाए।
  • संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात हों।

एनएच-37 पर 24 घंटे का बंद घोषित

घटना के विरोध में कुकी सीएसओ वर्किंग कमेटी ने एनएच-37 पर 24 घंटे का पूर्ण बंद घोषित किया है। संगठन का कहना है कि निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रह सकता है।

संगठन ने 86वीं बटालियन सीआरपीएफ के साथ असहयोग की भी घोषणा की है। हालांकि सीआरपीएफ या राज्य प्रशासन ने इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

एक नजर में

  • एनएच-37 पर 24 घंटे का बंद।
  • न्यायिक जांच की मांग।
  • अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने की मांग।
  • घायलों के बेहतर इलाज की मांग।
  • प्रभावित परिवारों को राहत देने की मांग।
  • सुरक्षा चूक की निष्पक्ष जांच की मांग।

क्या आगे बढ़ सकती है स्थिति?

मणिपुर लंबे समय से जातीय संघर्ष और सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है। कांगपोकपी की ताजा घटना ने एक बार फिर हालात को संवेदनशील बना दिया है। मणिपुर तनाव को कम करने के लिए प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती निष्पक्ष जांच और सभी समुदायों का भरोसा कायम रखना होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने से हालात सामान्य बनाने में मदद मिल सकती है।

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