डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने देश की एकता और अखंडता के लिए डॉ. मुखर्जी के योगदान को याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका जीवन राष्ट्र सेवा, समर्पण और त्याग का अनुपम उदाहरण है।
मुख्य बातें
- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर में श्रद्धांजलि अर्पित की।
- डॉ. मुखर्जी के राष्ट्र सेवा के योगदान को याद किया गया।
- विकसित और सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प दोहराया गया।
- विधायक पुरंदर मिश्रा सहित कई गणमान्यजन कार्यक्रम में मौजूद रहे।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती पर मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी मां भारती के सच्चे सपूत थे। उन्होंने राष्ट्र की अखंडता और एकता के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके विचार आज भी देश को नई दिशा देने का काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हर नागरिक को राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। यही डॉ. मुखर्जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
विकसित भारत के संकल्प को दोहराया
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके बताए मार्ग पर चलकर ही विकसित और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण संभव है। उन्होंने विश्वास जताया कि समाज के सभी वर्ग मिलकर देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनकल्याण और विकास को केंद्र में रखकर लगातार कार्य कर रही है। डॉ. मुखर्जी के आदर्श शासन और राष्ट्र निर्माण के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।
कार्यक्रम में मौजूद प्रमुख लोग
- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
- विधायक पुरंदर मिश्रा
- जनप्रतिनिधि
- प्रशासनिक अधिकारी
- अन्य गणमान्य नागरिक
राष्ट्रवाद और शिक्षा के क्षेत्र में अहम योगदान
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती हमें उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करने का अवसर देती है। वे एक प्रख्यात शिक्षाविद्, राष्ट्रवादी चिंतक और दूरदर्शी नेता थे। उन्होंने राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके विचार आज भी युवाओं को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करते हैं।
जनसेवा और राष्ट्रहित को बताया सर्वोच्च
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन प्रत्येक नागरिक के लिए प्रेरणा है। उनके सिद्धांतों को अपनाकर ही मजबूत, समृद्ध और विकसित भारत का सपना साकार किया जा सकता है। उन्होंने सभी लोगों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान भी किया।
प्रमुख बिंदु
- राष्ट्र की अखंडता पर विशेष जोर।
- जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता।
- युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरणा।
- विकास और सुशासन के संकल्प की पुनर्पुष्टि।

