E20 पेट्रोल को लेकर गडकरी का बड़ा दावा, जानें क्या बोले मंत्री

CG DARSHAN
CG DARSHAN 3 Min Read
3 Min Read
Advertisement Carousel

सरकार के अनुसार E20 पेट्रोल भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। गडकरी ने कहा कि देश हर साल कच्चे तेल के आयात पर करीब 22 लाख करोड़ रुपये खर्च करता है। ऐसे में इथेनॉल मिश्रण से आयात पर निर्भरता कम होगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि यह ईंधन गन्ना, मक्का और चावल जैसे कृषि उत्पादों से तैयार किया जाता है।

क्या वाहनों को होगा कोई नुकसान?

गडकरी ने दोहराया कि E20 पेट्रोल से किसी भी वाहन को नुकसान होने का कोई प्रमाण नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इसके खिलाफ गलत जानकारी फैला रहे हैं। सरकार का दावा है कि आधुनिक वाहनों को इस ईंधन के अनुरूप तैयार किया जा रहा है और इसका उपयोग सुरक्षित माना गया है।

भारत में ईंधन विकल्प और ब्राजील मॉडल

मंत्री ने बताया कि भारत में फिलहाल वाहन मालिकों को अलग-अलग इथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन चुनने का विकल्प नहीं मिलता। वहीं ब्राजील में उपभोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार ईंधन चुन सकते हैं और अधिक इथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन पर कीमत में भी राहत मिलती है। भविष्य में भारत भी इस तरह की व्यवस्था पर विचार कर सकता है।

किसानों की आय और इथेनॉल उत्पादन पर क्या बोले गडकरी?

गडकरी ने कहा कि E20 पेट्रोल नीति का लाभ किसानों तक भी पहुंच रहा है। इथेनॉल उत्पादन बढ़ने से मक्का और गन्ने की मांग में वृद्धि हुई है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश और बिहार के किसानों को लगभग 45 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय हुई है। साथ ही मक्का की कीमत 1,200 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़कर करीब 2,800 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई।

परिवार की कंपनियों पर लगे आरोपों को लेकर भी गडकरी ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनके परिवार की चीनी मिलें हैं, लेकिन उनका कारोबार केवल इथेनॉल उत्पादन पर निर्भर नहीं है।

मुख्य बातें

  • गडकरी ने E20 ईंधन से वाहन खराब होने के दावों को खारिज किया।
  • भारत 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य हासिल कर चुका है।
  • सरकार का दावा है कि इससे कच्चे तेल के आयात में कमी आएगी।
  • मक्का और गन्ना उत्पादकों की आय बढ़ाने में मदद मिली।
  • स्वच्छ ऊर्जा और कम कार्बन उत्सर्जन को मिलेगा बढ़ावा।

Share This Article
Leave a comment