मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री आवास 2.0 लैंड टास्क फोर्स की बैठक हुई। ग्रामीण शहरी आवास को गति देने के लिए कई अहम फैसलों पर चर्चा हुई। बैठक मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित हुई।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर पात्र परिवार तक योजना का लाभ पहुंचना चाहिए।
मुख्य बातें
- भूमि सर्वे और चिन्हांकन में तेजी लाई जाएगी।
- पात्र हितग्राहियों की पहचान होगी।
- आबादी भूमि पर रहने वालों का सत्यापन किया जाएगा।
- जिला स्तर पर विस्तृत कार्ययोजना बनेगी।
- ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों पर समान ध्यान रहेगा।
- सभी पात्र परिवारों को पक्का घर दिलाने पर जोर दिया गया।
ग्रामीण शहरी आवास के लिए बनेगी विस्तृत योजना
मुख्य सचिव ने सभी जिलों के कलेक्टरों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने आवासीय परियोजनाओं के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित करने को कहा।
इसके अलावा पात्र हितग्राहियों की पहचान भी जल्द पूरी करने को कहा गया। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद लाभार्थियों को योजना से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने नगरीय निकायों को भविष्य की आवास जरूरतों का आकलन करने के निर्देश दिए। इससे समय पर परियोजनाएं शुरू की जा सकेंगी।
ग्रामीण शहरी आवास का लाभ पहुंचेगा पात्र परिवारों तक
ग्रामीण शहरी आवास के तहत जिला स्तर पर व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी जरूरत के अनुसार नए आवास बनाए जाएंगे। सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए।
सभी जिलों में होगी नियमित समीक्षा
मुख्य सचिव ने कहा कि कार्यों की नियमित निगरानी जरूरी है। इससे परियोजनाओं में देरी नहीं होगी।
उन्होंने अधिकारियों से समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही सभी पात्र परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया।
बैठक में नगरीय प्रशासन, राजस्व और पंचायत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी विभागों ने बेहतर समन्वय के साथ काम करने का भरोसा दिया।
पक्का घर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता
मुख्य सचिव ने कहा कि ग्रामीण शहरी आवास का उद्देश्य हर पात्र परिवार को सुरक्षित और स्थायी आवास उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि बेहतर योजना और तेज क्रियान्वयन से लोगों को समय पर लाभ मिलेगा। इससे सरकार का आवास अभियान भी मजबूत होगा।

