प्रदेश में लगातार हो रही मानसून बारिश का असर जलाशयों पर दिख रहा है। गंगरेल सहित चार प्रमुख बांधों में जलस्तर तेजी से बढ़ा है।
जल संसाधन विभाग के अनुसार सभी जलाशयों में लगातार पानी पहुंच रहा है। इसलिए आने वाले दिनों में जलभराव और बढ़ने की संभावना है।
मुख्य बातें
- गंगरेल में 74 प्रतिशत से अधिक जलभराव हुआ।
- चार प्रमुख बांधों में पानी की आवक लगातार जारी है।
- खरीफ सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा।
- रायपुर सहित कई शहरों को पेयजल राहत मिलेगी।
- बांधों की सुरक्षा के लिए निगरानी बढ़ाई गई।
- जल प्रबंधन की तैयारी भी शुरू हो गई।
मानसून बारिश से जलाशय हुए मजबूत
गंगरेल बांध का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। उपयोगी जल संग्रह 74.68 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
इसके अलावा मुरूमसिल्ली, दूधावा और सोंढूर बांधों में भी अच्छी जल आवक दर्ज की गई। इससे जल संग्रहण क्षमता बेहतर हुई है।
मानसून बारिश पर विभाग की नजर
मानसून बारिश के प्रभाव को देखते हुए विभाग लगातार निगरानी कर रहा है।
इंजीनियर और मैदानी अमला चौबीस घंटे जलस्तर पर नजर रखे हुए हैं। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत की गई है।
एक नजर में
- गंगरेल में जलस्तर तेजी से बढ़ा।
- मुरूमसिल्ली में 72 प्रतिशत से अधिक जलभराव।
- दूधावा और सोंढूर में भी अच्छी जल आवक।
- नहरों के लिए जल प्रबंधन की तैयारी।
- जलाशयों की सुरक्षा पर लगातार निगरानी।
किसानों और शहरों को मिलेगा लाभ
अच्छी बारिश से खरीफ फसलों की सिंचाई आसान होगी। नहरों के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।
वहीं, रायपुर सहित कई शहरों की पेयजल व्यवस्था भी मजबूत होगी। इससे जल संकट की आशंका काफी कम हुई है।
मानसून बारिश से मिलेगी बड़ी राहत
मानसून बारिश यदि इसी तरह जारी रही, तो जलाशयों का जलस्तर और बढ़ सकता है।
विभाग स्थिति की लगातार समीक्षा कर रहा है। साथ ही जल प्रबंधन की रणनीति भी तैयार की जा रही है।

