रायपुर स्थित विधानसभा निवास में डॉ. रमन सिंह से परम् पूज्य डॉ. प्रेमासाई महाराज ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान धर्म, संस्कृति, सामाजिक मूल्यों और जनहित से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। साथ ही व्यक्तित्व निर्माण और समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने पर भी विचार साझा किए गए।
महाराज ने धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम की सराहना की। उन्होंने इसे भारतीय संस्कृति और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। इसके अलावा उन्होंने विधानसभा सत्र के सफल संचालन के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
मुख्य बातें
- डॉ. रमन सिंह से प्रेमासाई महाराज ने मुलाकात की।
- धर्म, संस्कृति और जनहित पर चर्चा हुई।
- धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम की सराहना की गई।
- सर्टिफिकेट ऑफ ऑनर सम्मान पर बधाई दी गई।
- मां कोत्रावै मंदिर के लिए निमंत्रण दिया गया।
डॉ. रमन सिंह ने सम्मान और सामाजिक कार्यों की सराहना की
बैठक के दौरान डॉ. रमन सिंह ने डॉ. प्रेमासाई महाराज को “सर्टिफिकेट ऑफ ऑनर” सम्मान मिलने पर बधाई दी। उन्होंने धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों के संरक्षण में किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की। वहीं समाज में सद्भाव और नैतिक चेतना बढ़ाने के प्रयासों को भी सराहा।
प्रेमासाई महाराज ने बस्तर प्रवास के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में विकास और सुरक्षा का वातावरण बेहतर हुआ है। इसलिए धार्मिक आयोजनों में लोगों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने इसे सकारात्मक सामाजिक बदलाव का संकेत बताया।
मां कोत्रावै मंदिर के लिए दिया निमंत्रण
बैठक में प्रेमासाई महाराज ने भारत के प्रथम मां कोत्रावै मंदिर के निर्माण और प्रस्तावित प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव की जानकारी दी। उन्होंने डॉ. रमन सिंह को कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया। विधानसभा अध्यक्ष ने आमंत्रण स्वीकार किया। साथ ही आयोजन के लिए अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं।
कुल मिलाकर यह मुलाकात धर्म, संस्कृति और सामाजिक समरसता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण रही। दोनों ने समाजहित के प्रयासों को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया।
एक नजर में
- स्थान: विधानसभा निवास, रायपुर
- मुलाकात: डॉ. रमन सिंह और प्रेमासाई महाराज
- प्रमुख विषय: धर्म, संस्कृति और समाज
- विशेष चर्चा: बस्तर विकास
- आयोजन: मां कोत्रावै मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा

