वीबी-जी राम जी योजना के तहत बालोद जिले में जल संरक्षण कार्य तेज हुए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में अभियान चल रहा है। इसके साथ रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिला है।
जिला प्रशासन ने ग्राम पंचायतों को अभियान से जोड़ा। शासकीय संस्थानों और सामाजिक संगठनों ने भी भागीदारी निभाई। इसलिए अभियान को व्यापक समर्थन मिला।
मुख्य बातें
- 2.85 लाख जल संरक्षण संरचनाएं बनाई गईं।
- 19.23 लाख घनमीटर जल संचयन क्षमता विकसित हुई।
- रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा मिला।
- तालाब, डबरी और चेकडैम बनाए गए।
- तीन लाख से अधिक सीड बॉल लगाए गए।
- दो लाख पौधारोपण का लक्ष्य तय किया गया।
वीबी-जी राम जी योजना से बढ़ी जल संचयन क्षमता
शासकीय भवनों में वर्षा जल संचयन की व्यवस्था विकसित की गई। रिचार्ज शाफ्ट, तालाब और ट्रेंच भी बनाए गए।
हैंडपंपों और प्रधानमंत्री आवासों में सोख्ता गड्ढे बनाए गए। इसके अलावा भूजल पुनर्भरण कार्य भी किए गए।
वीबी-जी राम जी से किसानों को होगा लाभ
वीबी-जी राम जी योजना से भू-जल स्तर बेहतर होने की उम्मीद है।
इससे खेतों में नमी बनी रहेगी। खरीफ और रबी फसलों को बेहतर सिंचाई मिलेगी। साथ ही किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
जनभागीदारी बनी अभियान की ताकत
महिला स्व-सहायता समूहों ने सक्रिय योगदान दिया। ग्रीन आर्मी और ग्राम विकास समितियां भी अभियान से जुड़ीं।
स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों ने भी भाग लिया। इसके अलावा तालाबों की सफाई और वृक्षारोपण अभियान चलाया गया।
हरित विकास को मिलेगा बढ़ावा
वीबी-जी राम जी योजना के तहत जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन पर जोर दिया जा रहा है।
सरकार हरित विकास और ग्रामीण आजीविका को प्राथमिकता दे रही है। इसलिए जिले में सतत विकास कार्य जारी हैं।

