छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में भारतमाला पुल हादसा सामने आने के बाद निर्माणाधीन परियोजनाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर बहस तेज हो गई है। बिलासपुर-उरगा मार्ग पर अरपा नदी के ऊपर बन रहे अधूरे पुल से एक टाटा नेक्सन कार लगभग 30 फीट नीचे गिर गई। हादसे में कार सवार चार युवक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सभी घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है।
पुलिस के अनुसार, दुर्घटना सोमवार रात तोरवा थाना क्षेत्र के दर्रीघाट-ढेंका कर्रा के पास हुई। सूचना मिलते ही पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंच गए।
भारतमाला पुल हादसा कैसे हुआ?
प्रारंभिक जांच में पता चला कि जिस पुल पर दुर्घटना हुई, उसका निर्माण कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है। पुल के आगे सड़क का संपर्क भी नहीं बनाया गया था। आशंका है कि वाहन चालक को अधूरे मार्ग की जानकारी नहीं थी।
तेज गति से आ रही कार सीधे पुल के अंतिम हिस्से तक पहुंची और नियंत्रण खोने के बाद करीब 30 फीट नीचे जा गिरी। दुर्घटना में वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
ग्रामीणों ने तुरंत शुरू किया राहत कार्य
हादसे की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी और कार में फंसे युवकों को बाहर निकालने में मदद की।
इसके बाद डायल-112 और एंबुलेंस की सहायता से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने बताया कि घायल रायगढ़ जिले के निवासी हैं और कोरबा से रायपुर की ओर जा रहे थे।
भारतमाला पुल हादसा के बाद उठे सुरक्षा पर सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने निर्माणाधीन पुल पर सुरक्षा इंतजामों की कमी का मुद्दा उठाया है। उनका कहना है कि यदि पर्याप्त बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत लगाए गए होते, तो दुर्घटना टाली जा सकती थी।
भारतमाला पुल हादसा ने निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर भी कई अहम सवाल खड़े किए हैं। प्रशासन अब पूरे मामले की जांच कर रहा है।
पुलिस कर रही विस्तृत जांच
पुलिस दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। साथ ही निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था और संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी भी जांच के दायरे में है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
एक नजर में
- स्थान: दर्रीघाट-ढेंका कर्रा, बिलासपुर
- परियोजना: भारतमाला हाईवे
- दुर्घटना: अधूरे पुल से कार गिरी
- घायल: चार युवक
- स्थिति: सभी का अस्पताल में इलाज जारी

