मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल से बदलेगी ग्रामीण शिक्षा

CG DARSHAN
CG DARSHAN 3 Min Read
3 Min Read
Advertisement Carousel

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ में ग्रामीण शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। विधानसभा परिसर से ‘भावना दीदी की साइंस पाठशाला’ के अंतर्गत संचालित मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकों से जोड़ने का माध्यम बनेगी।

इस अत्याधुनिक मोबाइल लैब के माध्यम से विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन, 3डी प्रिंटिंग, कोडिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), एयरोमॉडलिंग और ऑगमेंटेड एवं वर्चुअल रियलिटी (AR/VR) जैसी तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा। इससे ग्रामीण बच्चों को भी महानगरों जैसी तकनीकी शिक्षा का अवसर प्राप्त होगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय बोले, गांव का हर विद्यार्थी बने तकनीक में आत्मनिर्भर

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना तभी साकार होगा, जब गांवों के बच्चे आधुनिक विज्ञान और तकनीक से जुड़ेंगे। उन्होंने कहा कि यह मोबाइल लैब केवल सीखने का माध्यम नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और आत्मविश्वास विकसित करने की अभिनव पहल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया AI, रोबोटिक्स और डिजिटल तकनीकों की ओर बढ़ रही है। इसलिए राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि ग्रामीण विद्यार्थियों को भी समान अवसर और व्यावहारिक अनुभव मिल सके। नई शिक्षा नीति के अनुरूप यह पहल बच्चों में रचनात्मकता और कौशल विकास को बढ़ावा देगी।

क्या मिलेगी मोबाइल टेक्नोलॉजी लैब में?

  • AI और रोबोटिक्स का व्यावहारिक प्रशिक्षण।
  • ड्रोन उड़ाने का वास्तविक अनुभव।
  • 3डी प्रिंटिंग और कोडिंग की कार्यशालाएं।
  • IoT और AR/VR तकनीकों की जानकारी।
  • पांच विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण।
  • प्रशिक्षण पूरा होने पर प्रमाण-पत्र।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल से 5,000 विद्यार्थियों तक पहुंचेगी तकनीकी शिक्षा

पहले वर्ष में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की इस पहल के माध्यम से 5,000 से अधिक विद्यार्थियों तक आधुनिक तकनीकी शिक्षा पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। शुरुआत में कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके बाद अन्य कक्षाओं को भी इस कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मोबाइल लैब का निरीक्षण किया। उन्होंने AI, रोबोटिक्स और ड्रोन से जुड़े विभिन्न मॉड्यूल देखे तथा प्रशिक्षकों से प्रशिक्षण प्रक्रिया की जानकारी ली। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रयोग आधारित शिक्षा विद्यार्थियों की तकनीकी समझ, समस्या समाधान क्षमता और नवाचार की सोच को मजबूत बनाएगी। वहीं, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भी इस पहल को ग्रामीण शिक्षा के लिए ऐतिहासिक कदम बताया।

एक नजर में

  • स्थान: रायपुर
  • पहल: मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब
  • शुभारंभ: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
  • लाभार्थी: ग्रामीण विद्यालयों के विद्यार्थी
  • पहला लक्ष्य: 5,000 से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षण
  • मुख्य विषय: AI, रोबोटिक्स, ड्रोन, 3डी प्रिंटिंग, IoT और AR/VR

Share This Article
Leave a comment